नये डीजीपी विनय कुमार और कुंदन कृष्णन प्रेस वार्ता करते हुए।
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बिहार सरकार ने आलोक राज को डीजीपी पद से हटाकर 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को बिहार का नया डीजीपी बनाया है। बिहार के नए बनते ही विनय कुमार ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल और अपराधियों की संपत्ति जब्त कर के न सिर्फ अपराधियों का मनोबल तोड़ेंगे, बल्कि कानून का राज भी स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की जिम्मेदारी प्रत्येक जिले के थानेदारों को दी जाएगी।
कानून को स्थापित करना पहली प्राथमिकता
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पुलिस का कार्य कानून में परिभाषित है और इसका सबसे बड़ा स्तंभ है रूल आफ लॉ। कानून को स्थापित करना हमारे सबसे पहली प्राथमिकता रहेगी और इसके लिए जितने भी नियम, परिनियम और अधिनियम हैं, सभी को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर सख्त नकेल कसा जाएगा। स्पीडी ट्रायल में धार लाने की कोशिश की जाएगी क्योंकि स्पीडी टायर पूर्व में भी सुशासन को स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में इसका एक विशेष तरह का संकेत जाता है। इसको काफी सख़्ती से लागू किया जाएगा। जो भी विल डिटेक्टिव मामले हैं जिसमें साक्ष्य की प्रचुरता है उन कांडों को चिन्हित किया जाएगा और स्पीडी ट्रायल के तहत अपराधियों को सजा दिलवायी जाएगी।
अपराधियों की संपत्ति होगी जप्त
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पहले कई मामलों में मामला दर्ज होने के बाद उसे ईडी को भेजा जाता था, लेकिन अब पीएनएसएस में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब अलग से यह प्रावधान किया गया है कि पुलिस ही अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को जप्त करेगी। इस प्रावधान को हम लोग शक्ति से लागू करेंगे और इसकी शुरुआत थाना से होगी। इसके लिए प्रत्येक थाना को 1 महीने के अंदर एक-दो मामले को चिन्हित करने पड़ेगा। और फिर अपराधियों की संपत्ति को जप्त किया जाएगा।
आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस या फिर शराबबंदी कानून के तहत मामले में भी जो संपत्ति अर्जित की जा रही है उसे इस कानून के तहत लाया जाएगा। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि जितने भी कर चार्जसीटेट लोग हैं उनके संपत्ति का पता लगाया जाएगा और और उनके संपत्ति को जप्त की जाएगी। हमारा काम सिर्फ अनुसंधान करने का ही नहीं होगा बल्कि अपराधियों के द्वारा अर्जित संपत्ति पर कड़ा प्रहार करना पड़ेगा। यह अपराधी अपराध के द्वारा संपत्ति अर्जित करेंगे और और जब वह संपत्ति उनके रहेगी नहीं तभी लोग अपराध कैसे करेंगे. इसका सबसे बड़ा कारण है कि वह उन संपत्तियों का उपभोग करते हैं इसलिए उसे पर अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता होगी. क्योंकि अनुसंधान का एक लिमिट समय है इसलिए हमारे जितने भी पर्यवेक्षी पदाधिकारी हैं उसे अनुसंधान की समीक्षा करेंगे। और मामलों के निष्पादन पर बल दिया जाएगा। लॉ एंड ऑर्डर के तहत जितने भी गिरफ्तारियां वांछित होगी उसके लिए एक अभियान चलाकर उनकी गिरफ्तारियां होगी। कई मामलों में साथ देखा गया है कि शुरुआती समय में कुछ गिरफ्तार या हो जाती है और शेष रह जाती हैं तो उन सभी की समीक्षा की जाएगी और उसमें भी हम लोग स्पीडी ट्रायल करा कर अपराधियों को अंजाम तक पहुंचाएंगे।