Bhagirath satta : माउंटेन मैन दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी जदयू छोड़ कर कांग्रेस में जाने की वजह से चर्चा में हैं। भागीरथ की बेटी अपने पिता के खिलाफ जदयू से टिकट लेने की वजह से चर्चा में है। वर्तमान में बेटी और दामाद सामान्य की जिंदगी जी रहे हैं।
माउंटेन मैन दशरथ मांझी का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। भागीरथ मांझी के जदयू छोड़कर कर कांग्रेस में जाते ही घर में कलह शुरू हो गया है। भागीरथ मांझी की बेटी अंशु कुमारी और दामाद मिथुन मांझी उनके इस निर्णय का अब विरोध कर रहे हैं। इन्होंने कहा कि हम लोग जदयू में है। अगर जदयू हमें टिकट देती है तो अपने पिता के खिलाफ भी चुनाव लड़ सकते हैं।
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गांव के आंगनबाड़ी में बेटी हैं सेविका
माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पोती यानी भागीरथ मांझी की बेटी अंशु कुमारी को बिहार सरकार ने गहलौर थाना क्षेत्र के दशरथ गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका के पद पर पदस्थापित है। प्रतिदिन अपने गांव के बच्चों को पढ़ा रही है। लेकिन पिता भागीरथ मांझी ने जदयू छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने पर काफी भड़की हुई है। इन्होंने भी पिता के खिलाफ जदयू से चुनाव लड़ना चाहती है। इसका हर तरफ चर्चा हो रही है।
दामाद करते हैं मजदूरी
माउंटेन मैन दशरथ मांझी को सुर्खियों में आने के बाद बिहार सरकार ने भागीरथ मांझी के दामाद मिथुन मांझी को नल जल योजना के तहत गहलौर घाटी में पंप ऑपरेटर की नौकरी दी थी। हालांकि बीते दो सालों से वेतन नहीं मिलने के कारण पंप ऑपरेटर का काम उन्होंने छोड़ दिया था। उसके बाद घर चलाने के लिए मजदूरी कर रहे हैं। इन्होंने भी जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
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माउंटेन मैन के कारण परिवार आया था सुर्खियों में
मालूम हो माउंटेन मैन दशरथ मांझी 22 वर्षो तक गहलौर घाटी के पहाड़ को काट कर लोगों की सहूलियत के लिए रास्ता बनाए थे। इस दौरान माउंटेन मैन दशरथ मांझी अपनी पत्नी को खो दिया था। उसके बाद पूरे देश में दशरथ मांझी सुर्खियों में आए थे। जिसका परिणाम था कि गहलौर घाटी का पूरे इलाके में बुनियादी सुविधाएं बहाल कर दिया गया।