Bihar : वाहन जांच के दौरान एक ट्रक उस जगह पर पहुंचा। पुलिस ने पूछा कि ट्रक में क्या है? जवाब मिला- चावल है, लेकिन पुलिस उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। फिर पुलिस ने जब जांच की तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गई।
पूर्णिया के सरसी थाना की पुलिस ने चावल के बोरे से लदी ट्रक से 4 हजार लीटर प्रतिबंधित कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किया है। कफ सिरप की बरामदगी के साथ-साथ ट्रक के चालक और उप चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपए की आंकी गई है। पुलिस को चकमा देने के लिए धंधेबाजों ने चावल के बोरे में नशे की खेप को छिपाकर रखा था। पुलिस के हत्थे चढ़े धंधेबाजों में महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के गारखेड़ा के रहने वाले फिरोज युसुफ शेख (40) और उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला के मझला थाना क्षेत्र के टोडरपुर रेलवे स्टेशन सहादत नगर के रहने वाले मो आदिल (27) शामिल हैं।
हजारीबाग से ले जाया जा रहा था शिलांग
मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि सरसी थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक हजारीबाग से शिलांग जा रही है। ट्रक पूर्णिया से सरसी की ओर आने वाली है। इनपुट के आधार पर एसपी के निर्देश पर सरसी थानाध्यक्ष अभय रंजन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने दंडाधिकारी के साथ सरसी चौक पर वाहनों की तलाशी शुरू कर दी। जांच के दौरान झारखंड नंबर के एक ट्रक (JH09BJ1810) को रोका गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि ट्रक में चावल लदा है। शक के आधार पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 4000 लीटर यानी 40 हजार बोतल (प्रत्येक 100 एमएल) प्रतिबंधित सिरप बरामद हुआ। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत 90 लाख की बताई जा रही है। चालक के पास से 2 मोबाइल, 6,470 रुपए कैश, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और जीपीएस भी मिला है। पुलिस ने ट्रक और इसपर लदे चावल के 350 बोरियों को जप्त कर लिया है।
सप्लाई करने के एवज में मिले थे 30 हजार रुपये
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने तस्करी में शामिल अपने अन्य साथियों के भी नाम भी बताए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिकेज को खंगाला जा रहा है। ड्राइवर से पूछताछ और मोबाइल लोकेशन से कई अहम जानकारी मिली है। एसपी ने बताया कि चालक और उपचालक को कप सिरफ को सप्लाई करने के एवज में 25 से 30 हजार रुपया दिया जाता हैं। छापेमारी दल में बायसी थानाध्यक्ष अभय रंजन, अपर थानाध्यक्ष भरत पासवान, एसआई प्रदीप कुमार, एएसआई शिव दास सिंह यादव और जिला आसूचना इकाई के जवान शामिल थे।