Bihar : बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र वायरल होने के बाद जांच की जिम्मेदारी ईओयू को दी गई। अब ईओयू ने पूर्व डीजीपी एस के सिंघल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा डीजीपी से की है।
पूर्व डीजीपी एस के सिंगल की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। आर्थिक अपराधी इकाई के एडीजी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा के लिए डीजीपी को पत्र भेजा है। अब इस मामले में बिहार सरकार और डीजीपी आलोक राज के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
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पूर्व डीजीपी एस के सिंगल की बढ़ सकती है मुश्किलें
दरअसल यह मामला बिहार पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ है। पूर्व डीजीपी एस के सिंघल पर बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान इनकी लापरवाही पायी गई है। यह बात बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में हुए धांधली की जांच करने वाली टीम ईएओयू का कहना है। ईओयू के अनुसार इस मामले में इनकी भूमिका संदिग्ध पायी गई है, इसलिए अब इनपर कार्रवाई होगी जिसके लिए सरकार और डीजीपी आलोक राज के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। हालंकि इस संबंध में ईओयू एसके सिंघल से कई बार पूछताछ भी कर चुकी है।
जानिये क्या है मामला
2023 की शुरुआत में बिहार पुलिस परीक्षा सिपाही के 21391 खाली पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन संख्या 1/ 2023 के तहत एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। फॉर्म भरने के बाद 1 अक्टूबर 2010 को लिखित परीक्षा हुई। लेकिन इस दौरान परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और उसका जवाब सोशल मीडिया पर पूरे बिहार में वायरल हो गया। अभ्यर्थियों ने इसके विरोध में जमकर हंगामा किया। और फिर परीक्षा कैंसिल कर दी गई। प्रारंभिक जांच और प्राथमिकी के बाद यह मामला सीबीआई और फिर उसे ईओयू को सौंप दिया गया। इस मामले में पूरे बिहार के कई जिलों में कुल 74 केस दर्ज किए गए। उस समय केंद्रीय चयन परिषद सिपाही भर्ती के तात्कालिक अध्यक्ष पूर्व डीजीपी एसके सिंगल थे।