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Bihar News: नीरा उत्पादन के लिए 2 लाख ताड़ के पेड़ चिन्हित, 20 हजार टैपर्स को मिलेगा लाभ; जानें सबकुछ

Thu, 08 May 2025 03:29 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार सरकार ने ताड़ के पेड़ों से नीरा रस निकालने को बढ़ावा देने के लिए 'मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना' शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य ताड़ पेड़ मालिकों और टैपर्स को रोजगार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह योजना अप्रैल से जुलाई तक, करीब 65 दिनों के ताड़ी के मौसम के लिए लागू की गई है।
 
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिहार सरकार ने ताड़ के पेड़ों से नीरा रस निकालने को बढ़ावा देने के लिए 'मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना' शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य ताड़ पेड़ मालिकों और टैपर्स को रोजगार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह योजना अप्रैल से जुलाई तक, करीब 65 दिनों के ताड़ी के मौसम के लिए लागू की गई है।

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इस बार सरकार ने लगभग दो लाख ताड़ के पेड़ों से नीरा निकालने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रदेशभर में 20 हजार टैपर्स चिन्हित किए गए हैं। सबसे ज्यादा टैपर्स और ताड़ के पेड़ नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में चिह्नित हुए हैं। इन टैपर्स का सत्यापन जीविका के माध्यम से किया गया है और उन्हें मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किया गया है।

योजना के तहत टैपर्स को 8 रुपये प्रति लीटर नीरा के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई टैपर 10 पेड़ों से नीरा निकालता है, तो उसे कुल 15,600 रुपये की राशि सीधे उसके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इसके अलावा पेड़ों को चिन्हित करने के लिए टैपर्स को प्रति पेड़ 30 रुपये की अलग राशि भी दी जाएगी।
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ताड़ पेड़ के मालिकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। उन्हें 3 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से, अधिकतम 10 पेड़ों तक के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अनुसार, पेड़ मालिक को 585 रुपये प्रति पेड़ की दर से अधिकतम 5,850 रुपये की राशि दी जाएगी। यदि किसी के पास 10 से कम पेड़ हैं, तो उन्हें समानुपातिक राशि मिलेगी।
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नीरा की बिक्री के लिए कई जगहों पर नीरा बिक्री केंद्र भी बनाए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा केंद्र नालंदा जिले में स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि नीरा न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, सोडियम और फास्फोरस जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। यह एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक भी है, जो पाचन को बेहतर बनाने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक होता है।

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