बिहार में चुनावों से पहले वोटरों की खरीद फरोख्त का सिलसिला शुरू हो गया है। बिहार में एक सनसनीखेज घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे प्रवीण मांझी को 4.65 लाख रुपये की नकदी के साथ जहानाबाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
उन्हें आदर्श आचार संहिता लगने के दौरान इतनी बड़ी रकम नकदी के रूप में साथ लेकर चलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया थ्ाा। वहीं इस घटनाक्रम के बाद उन पर आरोप प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है।
मांझी की पार्टी हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने इसके पीछे प्रदेश सरकार का हाथ बताते हुए मामले में चुनाव आयोग से जांच की मांग की। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के इशारे पर मांझी के परिवार को तंग किया जा रहा है।
हालांकि रकम के संबंध में उनकी दलील थी कि यह रकम एक ठेकेदार को देने के लिए गाड़ी में रखी गई थी। जो उनके कंकरबाघ के मकान में काम कर रहा है।