वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा
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भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार ने लाठीचार्ज की बात से इनकार करते हुए बताया कि छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया है, बल्कि उनको हटाया जा रहा था। हटाने के सिलसिले में छात्रों को हल्की-फुल्की खरोंच आई है। हम लोग राज्यपाल के आगे से इनको हटा रहे थे, जिसमें खरोंच आई है। लाठीचार्ज जैसा कोई मामला नहीं है।
वहीं, लाठीचार्ज के बाद छात्र संगठन विश्वविद्यालय परिसर में ही धरने पर बैठे हैं। वे अभी भी राज्यपाल से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादा चोटिल हुए विद्यार्थियों में एबीवीपी के सदस्य शौर्य पाठक और एबीवीपी सदस्य राजवर्धन चौबे हैं। शौर्य पाठक के सिर में चोट आई है।
छात्र संगठन के कार्यकताओं के द्वारा पुलिस पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों ने छात्र हित में 21 सूत्री मांगों को रखा था। लेकिन विश्विद्यालय प्रसाशन के द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही थी, जिसके बाद आज हम लोग राज्यपाल के सामने अपनी मांगों को रखने आए थे। लेकिन पुलिस ने हम लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, पुरुष पुलिस के द्वारा छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया और छात्राओं पर पुरुष पुलिस ने लाठी से हमला किया।