बिहार के गोपालगंज शहर के सर्किट हाउस से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक सीधे थावे डायट सेंटर पहुंचे। जहां प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों से संवाद किया। उसके बाद डायट कैंपस का निरीक्षण किया। केके पाठक ने डायट का रंगरोगन कराने और स्वच्छ पानी को लेकर आरओ लगाने का निर्देश दिया। वहीं, प्रशिक्षण के लिए आए शिक्षकों के खाने की भी जांच की। केके पाठक ने रसोइया से खाने का मेन्यू पूछा और खाने के स्टॉल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से भी खाने की गुणवत्ता को लेकर बात की।
विद्यार्थियों ने की यह अपील
इस दौरान डायट सेंटर के डीएलएड के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने उनसे फाइनल परीक्षा मई महीने में कराने की अपील की। ताकि विद्यार्थी अगस्त में होने वाली नियुक्ति परीक्षा में शामिल हो सकें। केके पाठक ने आश्वासन दिया कि उन सब को अगस्त में होने वाली परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। उससे पहले डीएलएड की परीक्षा ले ली जाएगी। उसके बाद केके पाठक गुरुवार की देर रात अतिथि गृह में भोजन करने के बाद बेतिया के लिए रवाना हो गए।
केके पाठक से नहीं मिल सके रघुआ जमसड़ के विद्यार्थी
अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग केके पाठक के थावे डायट में आगमन को लेकर उचकागांव प्रखंड के स्वामी प्रकाशानंद माध्यमिक सह इंटर कॉलेज रघुआ जमसड के डमी प्रवेश पत्र से वंचित सैकड़ों विद्यार्थी अपनी समस्या के समाधान को लेकर डायट थावे में पहुंचे। लेकिन मुख्य सचिव के देर रात आने से सभी विद्यार्थी निराश होकर प्रदर्शन करते हुए वापस घर लौट गए। वहीं, अंशु कुमार पांडेय, अरशद अली, विशाल कुमार, अतुल कुमार, पीयूष कुमार, पप्पू कुमार, आतिश कुमार, सुलतान आलम, कृष कुमार, प्रियांशु कुमार, प्रिंस कुमार, गणेश कुमार, काजल कुमारी, प्रिया कुमारी और नीतू कुमारी आदि विद्यार्थियों का कहना था कि मुख्य सचिव से मिलकर हम लोग अपनी समस्या रखते। लेकिन शाम तक नहीं आने के कारण हम लोग वापस घर जा रहे हैं।
गौरतलब है कि आगामी मैट्रिक बोर्ड और इंटर बोर्ड की परीक्षा देने के लिए सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन डमी प्रवेश पत्र नहीं आने के चलते आगामी मैट्रिक और इंटर के बोर्ड परीक्षा देने से सैकड़ों विद्यार्थी वंचित हो गए हैं।
विद्यालय के प्राचार्य पर लापरवाही का आरोप
सभी विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्राचार्य नंदलाल मांझी पर आरोप लगाया कि शुल्क देने के बावजूद भी प्राचार्य की लापरवाही से हम लोगों का भविष्य चौपट हो रहा है। सभी बच्चों को यह चिंता सता रही है कि कहीं हम लोगों का एक साल बर्बाद न हो जाए। सभी छात्र-छात्राएं प्राचार्य नंदलाल माझी के खिलाफ काफी आक्रोशित हैं।
कहा जा रहा है कि प्राचार्य और शिक्षकों की लापरवाही के चलते इन बच्चों का भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है। हालांकि डीएम गोपालगंज द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि जून में होने वाली परीक्षा में ये विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इनके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।