एसकेएमसीएच में करीब ढाई साल पहले नर कंकालों की तस्करी का खुलासा हुआ था। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा किया गया था कि अज्ञात शवों के कंकालों का अवैध व्यापार किया जाता है। नवंबर 2016 में खुलासा होने के बाद तत्कालीन सिविल सर्जन ललित सिंह ने मामले की जांच करवाई थी।
स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया था कि शव गृह(पोस्टमॉर्टम हाउस) में काम करने वाले निजी सफाई कर्मचारी प्रत्येक मानव कंकाल को अवैध रूप से 8,000 रुपये में बेचते थे। अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करने की बजाय शरीर से मांसपेशियां और चमड़ा हटाकर उन्हें अवैध व्यापार के लिए संरक्षित रखा जाता था और फिर बेच दिया जाता था।
स्टिंग ऑपरेशन में शामिल सदस्यों ने काफी मोल-जोल के बाद तीन कंकाल 20 हजार रुपये में उपलब्ध कराने का सौदा तय किया था। अग्रिम राशि लेने के बाद एक कंकाल को पोस्टमॉर्टम हाउस के सामने शौचालय की छत पर रखा गया था।
जिन लोगों ने यह सौदा किया था, उन्होंने कंकाल उस समय नहीं लिये और यह कहते हुए वे बाकी रकम के साथ बाद में आएंगे। इस खुलासे के बाद राज्य भर में मामले ने काफी तूल पकड़ा था और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई थी।