अनुपम कुमार ने बताया कि रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है। लॉकडाउन अवधि से लेकर अभी तक पांच लाख 51 हजार से अधिक योजनाओं में 11 करोड़ पांच लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों के लिए 23 लाख 38 हजार 990 नये राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से अब तक 19 लाख 63 हजार 649 राशन कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इस प्रकार 84 प्रतिशत राशन कार्डों का वितरण किया जा चुका है।
बिहार का रिकवरी रेट 63.17 प्रतिशत
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 774 लोग स्वस्थ हुए हैं। अब तक 15,771 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 63.17 प्रतिशत है। 17 जुलाई से अब तक कोविड-19 के 739 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 16 जुलाई एवं पूर्व के 928 कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 9,018 सक्रिय मरीज हैं। सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि शुक्रवार को 10,502 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक किए गए कुल जांच की संख्या 3,68,232 है।
अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है- एडीजीपी
पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा एक जुलाई से लागू अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। शुक्रवार को दो घटना दर्ज की गई है और तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस दौरान 1,654 वाहन भी जब्त किए गए हैं और 28 लाख 79 हजार 250 रुपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है।
इस प्रकार एक जुलाई से अब तक 10 मामले दर्ज किए गए हैं और आठ व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। कुल 13,159 वाहन जब्त किए गए हैं और 03 करोड़ 22 लाख 54 हजार 865 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई है। उन्होंने बताया कि मास्क न पहनने पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार तक मास्क नहीं पहनने वाले 7,692 व्यक्तियों से 03 लाख 79 हजार रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई है। इस प्रकार पांच जुलाई से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 51,691 व्यक्तियों से 25 लाख 78 हजार 950 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नए दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं।
नदियों के जलस्तर के संबंध में विस्तृत जानकारी
जल संसाधन विभाग के सचिव, संजीव हंस ने राज्य के विभिन्न नदियों के जलस्तर के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तीन नदियां बागमती, अधवारा और खिरोई कई स्टेशंस पर खतरे के निशान से ऊपर हैं तथा राइजिंग ट्रेंड में हैं। अधवारा नदी का जलस्तर सुंदरपुर गेज स्थल पर खतरे के निशान से 1.7 मीटर ऊपर है, जबकि खिरोई नदी कमतौल में खतरे के निशान से 1.21 मीटर ऊपर बह रही है।
यह एकमी घाट दरभंगा में 44 सेंटीमीटर ऊपर है। बागमती का जलस्तर कटौंझा, हायाघाट और बेनीबाद गेज स्थलों पर खतरे के निशान से ऊपर है। कमला बलान नदी का जलस्तर झंझारपुर रेल पुल के पास खतरे के निशान से 0.60 मीटर ऊपर है, वहीं महानंदा नदी का जलस्तर पूर्णिया में ढेंगराघाट गेज स्थल पर खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है और यह राइजिंग ट्रेंड पर है। अगले 72 घंटों में महानंदा नदी के बेसिन में बारिश की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि शेष नदियों का जलस्तर अभी स्थिर है। इसके अलावा सभी बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंध सुरक्षित हैं।
बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से अभी बिहार के आठ जिले- सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 30 प्रखंडों की 150 पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं, जहां आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं।
दरभंगा में दो और गोपालगंज में तीन राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां करीब 2,000 लोग रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोपालगंज में आठ, सुपौल में दो, पूर्वी चंपारण में आठ और दरभंगा में 10 समुदायिक रसोई चलाए जा रहे हैं। इस प्रकार कुल 28 समुदायिक रसोई चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन लगभग 17,000 लोग भोजन कर रहे हैं। नेपाल के विराटनगर में 110 एमएम बारिश हुई है, जिसेे ध्यान में रखते हुए विभाग ने संबंधित जिलाधिकारी को अलर्ट करा दिया है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।