बिहार सरकार ने गुरुवार को 18 डीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार ने पूछा कि किसके कहने पर मुख्यालय छोड़ने का निर्णय लिया गया। बिहार एसएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी सुधीर कुमार के पक्ष में डीएम ने 26 फरवरी को राज भवन के सामने एक मानव श्रृंखला का गठन किया था, जिसके बाद उन्होंने इस तरह का फैसला लिया।
जानकारी के मुताबिक बीएसएससी अध्यक्ष सुधीर कुमार के गिरफ्तारी के बाद बिहार आईएएस एसोसिएशन के अधिकारियों ने पटना में एक बैठक की, जो बैठक लगभग छह घंटो तक चली। बैठक के बाद एसोसिएशन के मेंबर्स ने राज्यपाल राम नाथ गोविंद से मुलाकात की, जिसके बाद राज्यपाल ने बीएसएससी पेपर लीक मामले में बिहार एसएससी के अध्यक्षसुधीर कुमार के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की।
वहीं, प्रशासन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तीन दिन के भीतर उनसे कारण बताने को कहा है कि, किसके अनुमति पर डीएम ने पोस्टिंग की जगह छोड़ दी। क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य विधानसभा में 28 फरवरी को कहा था कि नौकरशाहों के आंदोलन पर अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी। जबकि इससे संबंधित पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दर्ज की गई है। याचिका में उसी मुद्दे को उठाया गया है, जिस पर सरकार ने डीएम के नोटिस जारी किया है।
बहरहाल, बिहार के सेवानिवृत्त मुख्य सचिव वी एस दुबे ने कहा कि यदि मुख्यालय छोड़ना ही था तो उसके लिए डीएम को डिवीजनल आयुक्त से औपचारिक अनुमति लेने चाहिए था।