बिहार में सरकार के गठन के कुछ दिनों बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब बंदी की घोषणा कर दी थी। जिसके कुछ दिनों बाद ही यह बात सामने आई कि यह घोषणा केवल देशी शराब के लिए थी।
बिहार की नई आबकारी नीति से ऐसा लग रहा है कि सरकार खुद शराब बेचने की ओर है। अगले वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति के संबंध में उत्पाद और मद्य निषेध विभाग ने नई उत्पादन नीति बनाई है जिसे विभाग ने आबकारी नीति -2015 नाम दिया है।
इस नीति के अंतर्गत प्रदेश में देशी शराब के निर्माण और खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा लेकिन शहर के इलाकों में बिक्री नियंत्रित की जाएगी।
इन विदेशी शराबों को बेचने की जिम्मेदारी बिहार सरकार की अपनी एजेंसी बिहार स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसबीसीएल) खुद लेगा और शहरी इलाकों में उसकी खुद की दुकानें होंगी।