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Bihar : मिड डे मील के भोजन में कीड़ा, छिपकली और सांप के बाद अब मिली ऐसी चीज, फिर जमकर हुआ हंगामा

Sat, 15 Jul 2023 07:45 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधुबनी

सार

Bihar mid-day meal : बिहार के एक सरकारी विद्यालय में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील में कीड़ा, छिपकली और सांप मिलने के बाद अब मेंढक पाया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने खूब गदर मचाया। इस घटना का फोटो और वीडियो अब वायरल हो रहा है। 
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इस विद्यालय के मिड डे मील के भोजन में मिला मेंढ़क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील में कीड़ा, छिपकली, सांप आदि मिलने की घटना अब आम सी हो गई हैं। ऐसे में कुछ ऐसी ही लापरवाही एक बार फिर बिहार के एक जिले में देखने को मिली है जहां भोजन में मेंढक पाया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने खूब गदर मचाया। इस घटना का फोटो और वीडियो अब वायरल हो रहा है। मामला मधुबनी जिले के राजनगर प्रखण्ड के मंगरौनी गाँव अन्तर्गत शेखटोली स्थित उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है जहां मासूम बच्चों के थाली मे खिचड़ी केसाथ  मेढ़क मिला है। थाली में भोजन के साथ मरे हुए मेंढक को देखते ही बच्चों में अफरातफरी का माहौल हो गया।
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थाली में पड़े मेंढ़क का फोटो और वीडियो वायरल
 इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को मिलने वाले मध्यान भोजन में मेनू के हिसाब से आज खिचड़ी दिया गया था। खाना परोसने के क्रम में एक बच्चा के थाली में खिचड़ी के साथ एक मृत मेंढक पाया गया। थाली में खिचड़ी के साथ मेंढ़क को देखते ही बच्चे शोरगुल करने लगे। भोजन में मेंढक मिलने की जानकारी पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते ग्रामीणों की वहां भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने वहां जमकर हंगामा किया। विद्यालय पहुंचे बच्चों के अभिभावकों ने थाली में मृत पड़े मेंढ़क का फोटो और वीडियो लेकर वायरल कर दिया।

 कोई बच्चा बीमार नहीं 
सूचना मिलते ही विद्यालय पर थानाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी पहुंचे और जांच प्रक्रिया में जुट गये। अभिभावकों का कहना है कि सरकार द्वारा बच्चों को कुपोषण से बचाने एवं स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर मिड डे मील योजना चालू की गई थी लेकिन हमेशा बच्चों को मिलने वाली योजना में कहीं ना कहीं शिकायतें आती ही रहती हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई बच्चा बीमार नहीं हुआ, लेकिन कर्मियों की लापरवाही की वजह से सरकार का यह प्रयास असफल होता दिख रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस विद्यालय में 460 बच्चे नामांकित हैं।  
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