अमरनाथ गामी हुए भाजपा में शामिल।
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भारतीय जनता पार्टी से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले पूर्व विधायक अमरनाथ गामी ने रविवार को घर वापसी कर ली है। हाल ही में उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस करके राजद का साथ छोड़ने का एलान किया था। इतना ही नहीं उन्होंने दोबारा भारतीय जनता पार्टी में शामिल किए जाने की इच्छा भी जताई थी। इतना ही नहीं, इस बाबत उन्होंने दिल्ली में बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात भी की थी। गौरतलब है कि पूर्व विधायक अमरनाथ गामी को नौ साल पहले अनुशासनहीनता के आरोप में भाजपा से निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद भाजपा ने उनको दोबारा भाजपा में शामिल किया गया। दो बार के विधायक रहे गामी ने रविवार को बिहार के भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और अश्विनी चौबे सहित अन्य लोगों उपस्थिति में पटना में पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने दावा किया कि गामी की वापसी से बिहार में भाजपा को और मजबूती मिलेगी। बता दें कि अमरनाथ गामी वैश्य समुदाय से आते हैं। वैश्य समुदाय से आने वाले गामी को उन परिस्थितियों में भाजपा में शामिल किया गया है जब भाजपा गोपालगंज में संकटपूर्ण स्थिति में हैं।
दरअसल, गोपालगंज सीट पर उपचुनाव होना है। भाजपा ने यहां से दिवंगत विधायक सुभाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी को मैदान में उतारा है। वहीं, राजद ने मोहन गुप्ता को यहां से टिकट देकर कड़ी चुनौती पेश की है। मोहन गुप्ता व्यापारी जाति से भी संबंध रखते हैं। इस सीट पर कुसुम देवी के पति सुभाष सिंह की मृत्यु के बाद कराया जा रहा है। सुभाष सिंह चार बार के विधायक थे। गोपालगंज सीट पर उपचुनाव 3 नवंबर को होगा।
गौरतलब है कि गामी कुछ महीने पहले तक राजद के साथ थे। साल 2013 में जब वह हयाघाट से भाजपा विधायक थे, तब उनको अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद, उन्होंने 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जद (यू) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके पांच साल बाद वह मुख्यमंत्री की पार्टी में अनादर का आरोप लगाते हुए राजद में शामिल हो गए थे। राजद ने उन्हें हयाघाट से टिकट नहीं दिया बल्कि उन्हें दरभंगा से मैदान में उतारा जहां वे हार गए थे।