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बिहार: मुजफ्फरपुर के निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, राज्य में अब तक 44 लोगों की मौत

Sat, 01 Aug 2020 09:27 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
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मुजफ्फरपुर में बाढ़ - फोटो : ANI
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मौजूदा समय में बिहार बाढ़ और कोरोना दोनों मुसीबतों से लड़ाई लड़ रहा है। बिहार में जनता एक और कोरोना की बदहाल स्थिति से परेशान है तो दूसरी तरफ बाढ़ ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। बिहार में कोरोना वायरस के मामले रोजाना तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं बाढ़ का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार के मुजफ्फरपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी आ गया है।

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बिहार की बुढ़ी गंडक, कोसी-बागमती नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि गंगा नदी खतरे के निशान के आस-पास बह रही है। शुक्रवार को बाढ़ में डूबने से गोपालगंज में आठ, सारण में छह और उत्तर बिहार में 22 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा वज्रपात से मधुबनी के लदनियां में दंपत्ति सहित औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड क्षेत्र के गांव में छह मजदूरों की मौत हो गई।

वहीं, दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के पास बागमती नदी का जमीदारीं बांध टूट गया है, जिससे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बाढ़ से बिहार में लगभग 45 लाख लोगों की आबादी प्रभावित है, जबकि एक दिन पहले ये संख्या 39.63 लाख थी। इसमें राज्य के 14 जिलों की 1,012 पंचायतें शामिल हैं, जहां बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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मधुबनी जिले के झंझारपुर में कमला बलान खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बेनीपट्टी और मधवापुर में धौंस नदी का पानी गांवों में फैल रहा है। वहीं समस्तीपुर में बांध से सटे इलाकों में पानी फैलने का डर है। सीतामढ़ी शहर के कई मोहल्ले बाढ़ के पानी से ग्रसित हैं।

बात करें कोरोना की तो बिहार में कोरोना के मामले करीब 51,000 हैं जिसमें 17,000 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं और राज्य में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या लगभग 300 के करीब पहुंच गई है।

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