अजय कुमार सिंह की तलाश में जुटी पुलिस।
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पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चाणक्य हॉस्टल में लगी आग के बाद हुए खुलासे में जिस डॉक्टर अजय कुमार सिंह का नाम सामने आया था, वह अब तक फरार है। बिहार पुलिस की टीम ने डॉ. अजय कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरपुर और वैशाली में छापेमारी अभियान चलाया। हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि अजय के साथ साथ एमबीबीएस और पीजी के पांच डॉक्टर भी रडार पर है। जल्द ही पुलिस पूछताछ के लिए हिरासत में लेगी।
इधर, सूत्रों की मानें तो डॉक्टर अजय नेपाल में छिपा हुआ है। आठ जनवरी को अजय को पीरबहोर थाना की पुलिस पकड़ कर ले गई थी। लेकिन, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। एक डॉक्टर ने बताया कि जिस दिन अजय को पुलिस ने छोड़ा था, उसी दिन वह रुपये से भरे बैग को लेकर फरार हुए था। इतना ही नहीं डॉक्टर अजय को भगाने में मखनियां कुआं के एक कंपाउंडर का नाम सामने आ रहा है। इसने डॉक्टर अजय को भगाने में गाड़ी मुहैया करवाई थी। इसके बाद डॉक्टर अजय नेपाल में जा छिपा।
पीएमसीएच पहुंची थी सीबीआई टीम
सोमवार के दिन सीबीआई की टीम भी पीएमसीएच गई और करीब चार घंटे तक पड़ताल की। सीबीआई की टीम ने पीरबहोर और टीओपी थाना को सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो साझा करें।
जानिए, क्या हुआ था पीएमसीएच में
पीएमसीएच के चाणक्य हाॅस्टल में बीते दिनों दूसरे तल्ले पर मेडिकल स्टूडेंट अजय सिंह के रूम में आग लग गई थी। इसके बाद फायर ब्रिगेड के तीन गाड़ी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था। वही इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ था। उसके रूम से करीब 10-12 लाख के 500-500 और 100 - 100 के जले हुए नोट मिले हैं। साथ ही नीट-पीजी के कई एडमिट कार्ड भी मिला था। इसके अलावा आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी का एमबीबीएस का जला हुआ ओएमआर शीट के साथ एक शराब की आधी खाली बोतल मिली थी। डॉक्टर अजय कुमार सिंह समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। वह 2022 में ही पीजी पास कर चुका था। चाणक्य हॉस्टल के छठे तल्ला के एक कमरे, दूसरे तल्ले के एक और नीचे के तल के एक कमरे पर डॉ. अजय ने कब्जा कर लिया था।
मोटी रकम लेकर एमबीबीएस और नीट यूजी में बैठाता था स्काॅलर
सूत्राें का कहना था कि अजय एमबीबीएस और नीट यूजी समेत अन्य मेडिकल काॅलेज में दाखिला कराने के लिए स्काॅलर काे बैठाता था। स्काॅलर बैठाकर अभ्यर्थियाें और उसके परिजनाें से माेटी रकम वसूल करता था। यही नहीं वह एमबीबीएस के इंटरनल एग्जाम में भी एमबीबीएस पास आउट काे बैठाकर मेडिकल स्टूडेंट काे पास कराता था।