रोहतास में एनआईए की टीम ने फेक करेंसी केस में शशि भूषण कुमार नाम के एक युवक के घर छापेमारी। टीम ने शशि भूषण से 6 घंटे तक पूछताछ की और उसके घर की तलाशी ली। इसके बाद टीम अपने साथ मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर अपने साथ ले गई। शनिवार के अहले सुबह बिजली कॉलोनी में बेंगलुरु और पटना से NIA की टीम ने छापेमारी के बाद पूरे घर की सघन तलाशी ली।बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में हुए फेंक कैरेन्सी मामले शशि भूषण की भूमिका संदिग्ध थी।
शशि भूषण के मोबाइल फोन और लैपटॉप को अपने साथ लेकर गए
इस मामले में शशि भूषण की मां कंचन देवी ने बताया कि सुबह तकरीबन 6:00 बजे सिविल ड्रेस में कुछ लोगों घर का दरवाजा खटखटा है। उनकी बेटी ने दरवाजा खोला तो सभी लोग घर के भीतर चले गए और सर्च वारंट दिखाते हुए घर की तलाशी लेने गए। हमलोग जब तक समझ पाते तब तक वह लोग बेटे शशि भूषण कुमार को हिरासत में लेकर बाहर चले गए। फिर दोपहर तकरीबन 1:30 के आस-पास उनके बेटे को लेकर वापस घर आए और उनके पूरे परिजन से भी पूछताछ करने लगे। इसके बाद शाम को वापस चले गए। कंचन देवी ने बताया कि चार-पांच कार से महिला और पुरुष अधिकारी आए हुए थे। तलाशी के दौरान शशि भूषण के मोबाइल फोन और लैपटॉप को अपने साथ लेकर गए।
फेंक करेंसी से जुड़े मामले में NIA ने की थी छापेमारी
शशि भूषण की मां कंचन देवी ने बताया कि उनका बेटा बेंगलुरु में इंडियन एयरलाइंस में नौकरी करने की तैयारी करने के लिए रह रहा था। और अभी कुछ महीनों पूर्व अपने घर वापस आया था। यहीं पर प्राइवेट स्कूल में जॉब के लिए अप्लाई भी किया है। कंचन देवी ने बताया कि बेंगलुरु से ही कुछ मामला जुड़ा हुआ है इसमें पुलिस उनके बेटे से पूछताछ करने के लिए यहां आई थी। लेकिन, मेरा बेटा ऐसे किसी मामले में संलिप्त नहीं है। वह कुछ भी ऐसा नहीं कर सकता जो कानून के नजरों में गलत है। इस मामले में NIA और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से परहेज किया है।