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BPSC Exam: 70वीं पीटी में सिर्फ एक अभ्यर्थी ही ला पाया 120 से अधिक नंबर, 1409 का रिजल्ट निगेटिव आया

Fri, 24 Jan 2025 04:30 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बीपीएससी ने परीक्षा परिणाम को परिणाम को लेकर जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले हैं। आयोग ने कहा कि 70वीं बीपीएससी की पीटी के प्रश्नों को लेकर काफी मजाक उड़ाया गया। कई लोगों ने इसके स्तर पर भी सवाल उठाया। लेकिन परिणाम जब सामने आया तो हमलोग भी हैरान रह गए।
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प्रेस वार्ता के दौरान बीपीएससी के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार लोक सेवा आयोग के 70वीं पीटी परीक्षा का रिजल्ट जारी हो चुका है। इसमें कुल 21583 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास किया है। आज आयोग ने इस मामले को लेकर प्रेस वार्ता की। आयोग ने परीक्षा परिणाम को परिणाम को लेकर जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले हैं। आयोग ने कहा कि 70वीं बीपीएससी की पीटी के प्रश्नों को लेकर काफी मजाक उड़ाया गया। कई लोगों ने इसके स्तर पर भी सवाल उठाया। लेकिन परिणाम जब सामने आया तो हमलोग भी हैरान रह गए। इस परीक्षा में 120 नंबर लाने वाला मात्र एक अभ्यर्थी है। यानी तीन लाख 28 हजार में केवल एक ऐसा अभ्यर्थी है, जिसे 120 नंबर प्राप्त हुआ। इतना ही 1409 अभ्यर्थियों का नंबर निगेटिव है। यानी इनका नंबर माइनस में आया है। इसके अलावा 4001 अभ्यर्थियों ने तो अपना रोल नबर तक नहीं भरा है। वहीं विष्णु पद मंदिर से जुड़े सवाल पर डेढ़ लाख, श्रेयसी सिंह वाले सवाल पर एक लाख 70 और हरमंदिर साहिब से जुड़े सवाल पर 50503 अभ्यर्थियों ने गलत जवाब दिया। वहीं आयोग की ओर से कहा गया कि मुख्य परीक्षा अप्रैल माह में लो जाएगी।
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परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने बताया कि उक्त परीक्षा को जिस तरह से कुछ कथित विशेषज्ञ गुरुओं, संचालकों एवं कुछ सोशल मीडिया ने बिना किसी प्रमाण, साक्ष्य या आधार के पुनर्परीक्षा कराने एवं परीक्षा के स्तर को लेकर बदनाम करने की कोशिश की वह दुर्भाग्यपूर्ण एवं आपत्तिजनक है। आयोग ने इस परीक्षा के परीक्षाफल का विश्लेषण किया है। विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है कि कट ऑफ में जैसा सनसनीखेज दावा किया गया था, ऐसी कोई वृद्धि नहीं हुई है। वास्तव में उक्त परीक्षा के प्रश्न-पत्र का कठिन स्तर, 68वीं एवं 69वीं संयुक्त (प्रा.) प्रतियोगिता परीक्षा के समान ही पाया गया है। विश्लेषण ऐसे तत्वों के उस दुष्प्रचार की पोल खोल दे रहा है, जिन्होंने इस परीक्षा को नीचा दिखाने एवं सफल होनेवाले 21581 छात्रों को अपमानित करने के उद्देश्य से की थी।

 

उन्होंने कहा कि बिहार के मेहनती अभ्यर्थी निम्नांकित तथ्यों पर विशेष रूप से ध्यान दें कि कैसे असत्य, झुठी अफवाहें फैलाकर आपको बहकाया गया भ्रमित किया गया। उक्त तत्वों ने परीक्षा के प्रश्न-पत्र को कमतर ऑकते हुए उसकी तुलना सिपाही या ग्रुप D परीक्षा के स्तर से कर डाली थी। साथ ही यह दावा किया था कि अत्यन्त 'सरल' प्रश्न-पत्र होने के कारण कट ऑफ 125 तक जा सकता है। परीक्षाफल के विश्लेषण से स्पष्ट है कि प्रश्न-पत्र पूर्व की भांति उच्च स्तर का होने के कारण इस बार भी कट ऑफ 91 रहा, जितना 68वीं और 69वीं प्रारम्भिक परीक्षा में था।

• प्रश्न-पत्र की उच्च गुणवत्ता के कारण 3,28,990 में से मात्र एक छात्र 120 से अधिक मार्क्स ला सका।

• इतना ही नहीं 100 से अधिक मार्क्स लाने वालों की संख्या भी मात्र 1180 है।

• इस परीक्षा में शून्य (0) से कम (ऋणात्मक अंक) अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या - 1409

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