बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कोई अगर 10 लाख नौकरी देने का दावा कर रहा है तो वह लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 10 लाख वैकेंसी कहां है और अगर देते भी हैं तो इसके लिए बजट कहां से लाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब बस लोक लुभावन वादे हैं जिसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नीतीश ने कहा कि पहले राज्य सरकार के किसी भी कर्मचारी को समय से वेतन नहीं मिलता था और वेतन मांगने पर डंडे भी खाने पड़ते थे। यह बात 2005 में उनसे तमाम शिक्षकों और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स ने कही थी।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी बिहार की जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है। हमारी सरकार ने कोरोना के दौरान बहुत काम किए हैं। अब हम लोग तकनीक के जरिए काम पर जोर दे रहे हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान भी काफी काम चल रहा है और हम इसपर पूरा ध्यान दे रहे हैं। वहीं जनता की नाराजगी के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि मुझसे नेताओं की नाराजगी है, जनता मुझसे नाराज नहीं है।