ईवीएम की यह जांच प्रक्रिया एक तकनीकी और प्रारंभिक परीक्षण है, जो चुनावों से पूर्व सभी मशीनों की पूर्ण क्रियाशीलता, पारदर्शिता और त्रुटिरहित संचालन को सुनिश्चित करती है। यह कार्य जिला निर्वाचन पदाधिकारी की देखरेख में, इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद के अभियंताओं द्वारा किया गया।
राज्य में कुल 1,76,506 बैलेट यूनिट (BU), 1,28,726 कंट्रोल यूनिट (CU) एवं 1,36,317 वीवीपैट्स का FLC किया गया, इनमें से 1,54,872 BU, 1,22,337 CU एवं 1,29,948 VVPAT "FLC OK" पाए गए हैं, जबकि 21,634 BU (12.26%), 6,389 CU (4.96%) एवं 6,369 VVPAT (4.67%) "FLC Rejected" घोषित किए गए हैं। FLC OK एवं Rejected मशीनों की जानकारी दैनिक रूप से EMS 2.0 पोर्टल पर अपडेट की गई। FLC पूर्ण होने के उपरांत Rejected मशीनों को 09 जिलों में एकत्र कर मरम्मत हेतु ECIL, हैदराबाद को भेजने की कार्रवाई की जा रही है। सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारियों द्वारा जिलों में FLC के दौरान "सही" पाई गई ईवीएम की सूची EMS 2.0 पोर्टल से डाउनलोड कर उसका प्रिंट सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय दलों के जिला अध्यक्षों/सचिवों को उपलब्ध कराया गया है।
FLC कार्य संचालन अवधि में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी , बिहार के कार्यालय द्वारा राज्य के सभी 12 मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्षों/सचिवों को 06-06 बार FLC कार्यक्रम की सूचना दी गई थी तथा उनसे अनुरोध किया गया कि वे अपने जिला स्तरीय प्रतिनिधियों को FLC में भाग लेने हेतु अधिकृत करें। दिनांक 13.05.2025 को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार विनोद सिंह गुंजियाल की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें FLC की प्रगति, जिला स्तरीय उपस्थिति रिपोर्ट एवं दलों की भागीदारी की समीक्षा की गई। सभी दलों से 100% भागीदारी का अनुरोध किया गया। FLC कार्य आरंभ होने से पूर्व जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों/सचिवों को लिखित सूचना दी गई एवं बैठक कर उन्हें FLC प्रक्रिया के बारे में बताया गया। सभी जिलों द्वारा वैसे दलों को जो FLC के दौरान उपस्थित नहीं हो रहे थे, उन्हें समेकित रूप से 200 से अधिक बार FLC कार्य में भागीदारी हेतु पत्र लिखा गया।
राजनीतिक दलों की भागीदारी की स्थिति इस प्रकार है:
भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, सीपीआई (एम), सीपीआई (एमएल) एल, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यू.) एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रतिनिधियों की FLC में सक्रिय भागीदारी रही। इनके द्वारा राज्य के अधिकांश जिलों में FLC कार्य में दैनिक रूप से भागीदारी रही। वहीं आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी एवं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी की भागीदारी सीमित रही है। नेशनल पीपुल्स पार्टी द्वारा किसी जिले में FLC कार्य में भाग नहीं लिया गया।
जिलावार भागीदारी रिपोर्ट
31 जिलों – जैसे पटना, भागलपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, नवादा, जहानाबाद, सहरसा, समस्तीपुर, भोजपुर आदि में अधिकांश राजनीतिक दलों ने नियमित भागीदारी निभाई।
07 जिलों – बांका, दरभंगा, किशनगंज, गया, गोपालगंज, नालंदा, सुपौल में कुछ दलों की उपस्थिति सीमित रही।
सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा FLC के दौरान "सही" पाई गई मशीनों की सूची EMS 2.0 पोर्टल से निकालकर सभी मान्यता प्राप्त दलों के जिला अध्यक्षों/सचिवों को उपलब्ध कराई गई।
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सतत निगरानी एवं पारदर्शिता
FLC प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय द्वारा सभी जिलों की सघन निगरानी की गई।
निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने पूर्वी चंपारण जिले में FLC का स्थल निरीक्षण किया। आयोग द्वारा FLC प्रक्रिया की निगरानी के लिए 28 पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई, जिनमें अन्य राज्यों के ईवीएम नोडल अधिकारी भी शामिल थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने पटना और कटिहार जिलों में जाकर FLC की गुणवत्ता और व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही, राज्य भर में पदाधिकारियों की टीमों द्वारा जिला स्तर पर निरीक्षण एवं प्रगति की सतत समीक्षा की गई।