बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार को एक जनसभा को संबोधित करने लखीसराय पहुंचे। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी-नीतीश की जोड़ी है तो विकास है, राजद है तो विनाश है। उन्होंने राजद के 10 लाख रोजगार देने वाले वादे पर भी तंज कसा है।
नड्डा ने कहा कि जिन्होंने बिहार में अपहरण उद्योग चलाया, क्या वो लोग रोजगार दे सकते हैं? ये भुलावे में रखने वाले लोग हैं। प्रजातंत्र में ऐसे लोगों को करारा जवाब वोट के माध्यम से दिया जाता है। इसलिए एनडीए के उम्मीदवारों को जिताना आपकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आरजेडी अराजकता पर विश्वास करती ही है, अब दोस्ती भी कर ली तो माले के साथ। जो वामपंथी देश के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करते हैं, उनके साथ सीटों का बंटवारा कर लिया। इनके साथ कांग्रेस और मिल गई है, जो आजकल पाकिस्तान की वकील बनी हुई है।
आरजेडी के स्वभाव में ही अराजकता है, इन्होंने कभी बिहार की जनता से माफी नहीं मांगी। नीतीश जी ने इनका साथ इसीलिए छोड़ा क्योंकि वो जानते थे कि इनके साथ चलकर सुशासन नहीं कुशासन ही आएगा। बिहार का ये चुनाव आपके आने वाले भविष्य के लिए है।
हम ऐसी पार्टी के सदस्य हैं, जो लोगों की सेवा करती है, गरीब के घर में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान मोदी जी ने 80 करोड़ जनता के लिए मार्च महीने से लेकर दिवाली और छठ तक प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं/चावल और प्रति परिवार एक किलो चना का दाल देने का काम किया है।
नड्डा ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों के माध्यम से नरेन्द्र मोदी जी ने किसानों को उनकी उपज मंडी के अलावा कहीं भी बेचने की सुविधा दी है। किसान अपनी फसल अब जहां चाहेगा, वहां बेच सकेगा। इसके अलावा फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों के लिए तय करने का काम भी किया गया है।