पड़ोसी देश नेपाल और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और सारण की माटी को आंदोलन की धरती कहते हैं। चंपारण सत्याग्रह और संपूर्ण क्रांति से जुड़ी जमीन नेपाल से आने वाली दर्जन भर नदियों की तबाही झेलती रहती है। 2015 के विधानसभा चुनाव में इन जिलों की 31 सीटों में से भाजपा 14, राजद 10, जदयू 03 कांग्रेस 03 और लोजपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी।
पश्चिम चंपारण की नौ सीट में से भाजपा के खाते में पांच, कांग्रेस और जदयू के खाते में दो-दो सीटें आई थीं। पूर्वी चंपारण की 12 सीटों में से भाजपा सात सीटों पर भगवा पताका फहराने में कामयाब रही, वहीं राजद को चार और लोजपा को एक सीट हाथ लगी। सारण जिले की 10 सीटों में से राजद छह, भाजपा दो, कांग्रेस और जदयू के खाते में एक-एक सीट आई। 2020 में दूसरे चरण में होने वाले चुनाव में इन जिलों की 31 सीटों में से 19 सीटों पर मतदान होगा। पूर्वी चंपारण की छह, पश्चिम चंपारण की तीन और सारण जिले की 10 सीटों पर तीन नंवबर को मतदान होगा। इस चरण में लालू प्रसाद के समधी की प्रतिष्ठा दांव पर है। कुछ सीटों पर भाजपा ने विधायकों का टिकट काटा भी है। जाहिर है, एक-दो ने लोजपा का दामन थाम लिया तो कई भितरघात कर रहे हैं।
गोविंदगंज में भाजपा-लोजपा के बीच कांग्रेस भी मुकाबले में
पूर्वी चंपारण जिले की मधुबन सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक राणा रणधीर और राजद उम्मीदवार मदन प्रसाद सहित कुल 12 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। राणा रणधीर को राजनीति विरासत में मिली है। इनके पिता बिहार सरकार में मंत्री रहे हैं। पिपरा सीट से भाजपा के वर्तमान विधायक श्याम बाबू यादव, माकपा से राजमंगल प्रसाद सहित कुल 17 उम्मीदवार अपना भाग्य अजमा रहे हैं। कल्याणपुर से भाजपा के मौजूदा विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह और राजद के मनोज यादव सहित कुल 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। एशिया के सबसे ऊंचे बौद्ध स्तूप वाले केसरिया से राजद ने अपने मौजूदा विधायक डॉ राजेश कुमार के स्थान पर संतोष कुशवाहा को मैदान में उतारा है। यहां से जदयू की शालिनी मिश्रा कड़ी टक्कर दे रही हैं। यहां कुल 19 उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
गोविंदगंज से लोजपा के मौजूदा विधायक राजू तिवारी और भाजपा के सुनीलमणि तिवारी सहित कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस के ब्रजेश पांडेय ने यहां त्रिकोणीय मुकाबला कर दिया है। यहां का चुनाव बहुत हद तक पूर्व विधायक मीना द्विवेदी के रुख पर निर्भर है। मीना द्विवेदी का समर्थन पाने के लिए सभी उम्मीदवार अपने-अपने स्तर पर कोशिशें कर रहे हैं। ज्ञात हो कि अब मीना द्विवेदी खुद चुनाव नहीं लड़तीं हैं।
सारण में भाजपा से नाता तोड़कर तारकेश्वर लोजपा में
पश्चिम चंपारण जिले की बेतिया सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक मदन मोहन तिवारी और भाजपा की रेणु देवी सहित कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री रेणु देवी के करीबी शमीम अख्तर यहां लोजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। चनपटिया सीट से भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक प्रकाश राय की जगह पर उमाकांत सिंह को मैदान में उतारा है। यहां कांग्रेस से अभिषेक रंजन सहित कुल 13 उम्मीदवार हैं। नौतन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नारायण प्रसाद मैदान में हैं।
कांग्रेस से कमरान शेख सहित कुल 13 उम्मीदवार लड़ाई को दिलचस्प बनाएंगे। सारण जिले की बनियापुर सीट से लोजपा से तारकेश्वर सिंह चुनावी मैदान में हैं। इसके पहले वे भाजपा में थे। टिकट नहीं मिलने के बाद सिंह ने वीआईपी पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए भाजपा से नाता तोड़ लिया। यहां राजद ने
केदार नाथ सिंह को मैदान में उतारा है। वीआईपी के वीरेंद्र ओझा सहित कुल 13 उम्मीदवार हैं। यहां कांटे की टक्कर है। सोनपुर सीट से राजद के मौजूदा विधायक रामानुज प्रसाद और भाजपा के उम्मीदवार विनय कुमार सिंह सहित कुल 15 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
लालू की बहू का मुद्दा नीतीश ने उठाया
परसा सीट से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय जदयू के टिकट से मैदान में हैं। लालू परिवार से रिश्ते बिगड़ने के बाद राजद विधायक चंद्रिका राय जदयू में शामिल होकर चुनावी मैदान में हुंकार भर रहे हैं। राजद की ओर से छोटे लाल राय सहित कुल 11 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। परसा में चंद्रिका राय के समर्थन में रैली के दौरान नीतीश ने लालू परिवार की बहू और चंद्रिका राय की बिटिया ऐश्वर्या का मुद्दा भी उठाया था। इस मंच पर ऐश्वर्या भी दिखी थीं।
अमनौर सीट से मौजूदा विधायक के स्थान पर भाजपा ने कृष्ण कुमार मंटू को उम्मीदवार बनाया है। राजद की ओर से सुनील राय सहित कुल 15 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहे हैं। गरखा सु. सीट से राजद ने मौजूदा विधायक मुनेश्वर चौधरी को मैदान में नहीं उतारकर उनकी जगह सुरेंद्र राम को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां भाजपा के ज्ञान चंद मांझी सहित कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। छपरा सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक डा. सी.एन. गुप्ता और राजद के रणधीर सिंह सहित कुल 15 उम्मीदवार रण में शामिल हैं। मढ़ौरा से राजद के मौजूदा विधायक जितेंद्र राय और जदयू के अलताफ़ राजू सहित कुल 23 उम्मीदवार मैदान में ताल ठोक रहें हैं।
तरैया सीट से राजद ने सिपाही महतो को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की ओर से जनक सिंह सहित कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। मांझी सीट बंटवारे में महागठबंधन की ओर से माकपा को दिया गया। माकपा ने सत्यदेव यादव को उम्मीदवार बनाया है। जदयू की ओर से माधवी सिंह सहित कुल 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। एकमा से जदयू ने मौजूदा विधायक मनोरंजन सिंह के स्थान पर सीता देवी पर बाजी लगाई है। यहां राजद के श्रीकांत यादव सहित कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं।