क्या बिहार विधानसभा-2020 के जरिए राज्य में बदलाव की हवा चल पड़ी है? ठेठ बिहारी तेजस्वी यादव का कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई के नारे ने राज्य ने राज्य में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री तथा सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार के विश्वास को हिला दिया है? सवाल मौजूं है। दिलचस्प है कि अब संघ और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं का संदेह गहराने लगा है। बिहार में प्रथम चरण के मतदान के पूरा होने के बाद 30 अक्तूबर को बनारस लौटे संघ के कार्यकर्ता का कहना है कि मुंगेर की घटना ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। संघ के सूत्रों का कहना है कि इस बार विधायकों की संख्या में राष्ट्रीय जनता दल को बढ़त मिल सकती है और पहले नंबर पर चल रही भाजपा दूसरे नंबर पर आ सकती है।