प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने वाली है। चुनाव आयोग इसी महीने किसी भी दिन चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी रणनीति लगभग तैयार कर चुकी है।
चुनाव लड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है, लेकिन मतदाताओं के बीच जाने के लिए नीतीश के चेहरे की बजाय नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ज्यादा भरोसा कर रही है। भाजपा शुक्रवार से बिहार में 'वर्क फ्रॉम मोदी' अभियान की शुरुआत कर रही है। इस अभियान के तहत पार्टी के 70 नेता अलग-अलग जगहों पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से किए गए कामकाज को गिनवाएंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा शुक्रवार को पटना में नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पात्रा बताएंगे कि केंद्र सरकार ने बिहार के लिए क्या कुछ किया है। इसके अलावा शाहनवाज हुसैन दरभंगा में और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास मोतिहारी के साथ-साथ गोपालगंज में प्रेस वार्ता करेंगे।
दरअसल, भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में नरेंद्र मोदी के कामकाज की चर्चा को आगे रखने का फैसला किया है और इसी रणनीति के तहत पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर तक के कुल 70 बड़े नेता 'वर्क फ्रॉम मोदी' की चर्चा करेंगे।