Bihar Education Minister on Ramcharitmanas: अयोध्या से जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बिहार के शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग रखते हुए उनकी जीभ पर 10 करोड़ इनाम रख दिया। चंद्रशेखर ने इसका भी जवाब दे दिया। भाजपा हमलावर है और नीतीश चुप्पी मार गए।
भारतीय जनता पार्टी और हिंदु आस्था से जुड़े संगठन किसी भी हालत में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कोटे से बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर को बख्शने के लिए तैयार नहीं हैं। अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने चंद्रशेखर की जीभ काटकर लाने वाले को 10 करोड़ का इनाम का विवादित एलान किया है। मंत्रिमंडल से हटाने कहा है। दूसरी ओर चंद्रेशखर ने इस एलान के बाद भी अपनी बात पर कायम रहने की घोषणा कर दी। इधर, बिहार में भाजपा ने हिंदू आस्था को लेकर प्रो. चंद्रशेखर के साथ ही राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। पहले राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भगवान श्रीराम को लेकर ढेर सारी विवादित बातें कहते हुए रामचरित मानस में आस्था रखने की बात कही थी और अब राजद कोटे से राज्य के शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को लेकर ही विवादित बातें कह दीं। विवादित बयानों ने बिहार में इतनी गरमी ला दी कि इस ठंड में समाधान यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसपर 'नो कमेंट’ के मोड में जाना पड़ रहा है।
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जगदानंद ने कहा था- कण-कण से निकल राम पत्थरों में कैद हो रहे
राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने पिछले दिनों अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर पूछे गए सवाल के जवाब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को चार बातें सुनाने के चक्कर में यह तक कह दिया था कि भारत के कण-कण में रहने वाले राम अब पत्थरों की चारदीवारी में कैद होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हम रामचरितमानस के राम को पूजते थे, लेकिन अब वह राम कैद हो रहे हैं।
जगदानंद ने मानस को पूजने की बात कही, चंद्रशेखर ने उसे भी नकारा
जगदानंद ने भगवान राम को लेकर जितनी भी बातें कहीं, मगर रामचरितमानस के प्रति आस्था जताई थी। अब राजद कोटे के मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने उसी मानस पर सवाल कर दिया है। उन्होंने बुधवार को नालंदा खुला विवि के दीक्षांत समारोह में रामचरितमानस को समाज में भेदभाव डालने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मानस में निम्न जातियों के खिलाफ जहर उगला गया है। बताया गया है कि नीच जाति के लोग अगर पढ़-लिख लेंगे तो जहरीले हो जाएंगे। बुधवार के उनके बयान पर जब राजनीति गरम हुई और जीभ काटने पर इनाम का एलान हो गया तो उन्होंने गुरुवार को दो कदम आगे बढ़कर कहा कि किसी को दे दो, कोई तो अमीर हो जाएगा। हम बयान पर कायम हैं। गलत नहीं कहा है।
समाधान यात्रा के क्रम में दरभंगा में नीतीश से जब पूछा गया तो उन्होंने कुछ पता नहीं होने की बात कही।
- फोटो : अमर उजाला
हर बयान पर नजर रखने वाले सीएम बोले- इस बारे में तो पता नहीं
आमतौर पर बिहार के मुख्यमंत्री अपने राज्य, इसकी राजनीति और बयानों पर पूरा ध्यान देते रहते हैं। जिस भी कार्यक्रम में जाते हैं तो पत्रकारों से बात करते समय बयानों से संबंधित सवालों का जवाब भी देते हैं। जिसमें खुद नहीं बोलते, उसमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बयान आ जाता है। राजद कोटे के हटाए गए मंत्री सुधाकर सिंह के हमलों पर यह दिख रहा है। लेकिन, इस बार भाजपा की राजनीति से जुड़े विषय राम और रामचरितमानस पर वह राजद के बयान का न तो प्रतिकार कर रहे, न समर्थन। बीच का रास्ता अपनाते हुए गुरुवार दोपहर उन्होंने कहा- इस बारे में पता नहीं है। मतलब, नो कमेंट!
भाजपा के नेता हर माध्यम से हमलावर, शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग
राजद की ओर से दिए गए इस मौके को भाजपा किसी भी हालत में छोड़ने को तैयार नहीं। भाजपा की ओर से विधानसभा के विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत में रहकर भारतीयों की आस्था पर लगातार हमला हो रहा है। इसे नीतीश कुमार बर्दाश्त कर सकते हैं, आम बिहारी नहीं। शिक्षा मंत्री पर आईपीसी की धार 295 (A) के तहत केस करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कह दिया कि रामचरितमानस के प्रति अनास्था रखने वालों को राज्य का शिक्षा मंत्री बनने का अधिकार नहीं। हटाया जाना चाहिए। विधान परिषद् में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षा मंत्री के दिमाग का इलाज कराया जाना चाहिए, वह इसके लिए खर्च उठाने को तैयार हैं। राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रो. चंद्रशेखर को तत्काल पदमुक्त करने की मांग रखी। जाले के भाजपा विधायक जीवेश कुमार सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे कि जब बिहार का युवा 20 लाख नौकरी मांग रहा तो महागठबंधन सरकार हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलवा कर प्रपंच रच रहा है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि जिस राज्य के शिक्षा मंत्री का ऐसा बयान आएगा, उसकी शिक्षा का हाल समझा जा सकता है।