बिहार में पटना से करीब एक जिला है नवादा, जहां के सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेड मयस्सर हो या न हो, कुत्तों का जरुर ख्याल रखा जाता है। बुधवार को भी नवादा के सदर अस्पताल में बेड पर कुत्ते आराम फरमाते दिखे। यह कोई पहला मामला नहीं है। तीन हफ्ते पहले दिसंबर में भी अस्पताल की बेड पर कुत्ते सोते हुए दिखाई दिये थे। अक्सर यहां की ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होती रहती है।
बुधवार को अस्पताल में आराम फरमाते इन कुत्तों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। तस्वीरों में दिख रहे कुत्तों से जहां आम लोग बचते रहे, वहीं अस्पताल के किसी कर्मी ने कुत्ते को बेड से नीचे उतारने की जहमत नहीं उठाई।
इस पूरे मामले में पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ उमेश चंद्रा से पूछा गया तो पहले उन्होंने अनभिज्ञता जताई। फिर कहा कि इस मामले का पता लगाएंगे। ऐसा कैसे संभव हुआ और इसमें कौन लोग दोषी हैं, पता लगाकर जवाब मांगा जाएगा।
स्थानीय लोग बताते हैं कि अस्पताल के बेड पर कुत्तों का कब्जा होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। लोगों का आरोप है कि नवादा सदर अस्पताल के सर्जिकल व इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के बेड पर अक्सर कुत्ते आराम करते नज़र आते रहे हैं।