मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए अब अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के प्रावधानों का भी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपरलीक करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों पर निगरानी बढ़ाने और अश्लील या द्विअर्थी गीतों के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की सुरक्षा, कानून का शासन और अपराध नियंत्रण सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बिहार को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के साथ कानून-व्यवस्था को हर हाल में बेहतर बनाए रखने की बात कही
डायल-112 का रिस्पांस टाइम और घटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को जल्द पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 की व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि बिहार में डायल-112 का औसत प्रतिक्रिया समय करीब 11 मिनट या इससे कम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 17 मिनट बताया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए प्रतिक्रिया समय में और सुधार करने तथा तकनीक के इस्तेमाल से आपातकालीन पुलिस सेवा की पहुंच बढ़ाने को कहा। संवेदनशील इलाकों और आपराधिक गतिविधियों की आशंका वाले स्थानों पर नियमित गश्त, लगातार निगरानी और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ की बैठक।
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सोशल मीडिया पर निगरानी, दो घंटे में प्रतिक्रिया देने पर जोर
साइबर अपराध और सोशल मीडिया के जरिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने तथा मुख्यालय स्तर से इसकी निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।
नशे के अवैध कारोबार और आर्थिक अपराधों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का निर्देश दिया। आर्थिक अपराधों की समीक्षा के दौरान अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ अर्जित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी अनुसंधान के साथ अभियोजन को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। इसके अलावा जिला दंगा निरोधी दस्ते के पुनर्गठन और विशेष कार्य बल को अधिक आधुनिक एवं सशक्त बनाने पर चर्चा हुई।