नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय स्तर के नेता रहे और करीब 25 साल से कांग्रेस की राजनीति कर बिहार प्रदेश के प्रवक्ता बने कुंतल कृष्णन ने इस्तीफा देकर कांग्रेसियों की आवाज सभी को सुना दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी दलों की पटना में 23 जून को होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस से इस इस्तीफ को छोटा मानना गलत होगा, ऐसा बातचीत से लगता है। 'अमर उजाला' से बातचीत में कुंतल कृष्ण ने जो बातें कहीं, वह इशारा कर रही हैं कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व के खिलाफ ही बगावत नहीं है, बल्कि उनकी बातों पर भरोसा करने वाले कांग्रेसियों के प्रति भी गुस्सा है। यही कारण है कि इस्तीफा बिहार प्रदेश अध्यक्ष को नहीं, आलाकमान को भेजा गया है। सवाल-जवाब से समझिए, क्या है कांग्रेस की अंदरूनी हालत...
सवाल - बिहार में कांग्रेस की क्या स्थिति है
- जवाब - कांग्रेस को जब हमने जॉइन किया तब राजीव जी जैसा स्टार लीडर देखा। आज बिहार में खासकर कांग्रेस की जो स्थिति है, कांग्रेस को षड्यंत्र की तरह एक ऐसी जगह ले जाया जा रहा है एक ऐसे लोग को नेता मानने पर मजबूर किया जा रहा है जिन्होंने पूरी जिंदगी कांग्रेस को कमजोर करने का काम किया है। यह ना काबिले बर्दाश्त है। स्पष्ट बात है।
सवाल - सीएम नीतीश कुमार का विरोध क्यों?
- जवाब- आप (नीतीश कुमार) कह रहे हैं कि विपक्षी दलों की बैठक हमारी अध्यक्षता में हो। आपसे एक स्टेट आफ से संभल नहीं रहा है और आप पूरे राष्ट्र की बात कर रहे हैं। वह पीएम बनाने के लिए पूरा देश घूम रहे हैं।
सवाल - आपकी क्या-क्या शिकायतें हैं?
- जवाब- विभाग में बार-बार अपने ही साथी विधानसभा पटल पर मांग करते हैं कि पूल में काफी अनियमितता है उसकी जांच कराइए। और आप जांच पर चुप बैठे हुए हैं। हमारे नेता राहुल गांधी ने 2013 में तो अध्यादेश फार दिया था। कांग्रेस भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर है और बिहार में कांग्रेस की बात सुनी नहीं जा रही है। हमलोग तो कह रहे हैं कि अब भ्रष्टाचार पर जांच कराएं, भ्रष्टाचार हो सकता है। आप निष्पक्ष जांच कराएं।
सवाल - आपकी क्या मांग है?
- जवाब- अगवानी का पुल जो पहली बार गिरा तो ऐसा लगता था हो सकता है कोई तकनीकी खामी से पुल गिरा हो लेकिन फिर दूसरी बार ही पूरी गिरा तो क्या बार बार तकनीकी खामी से ही पुल गिरता है? और जांच की ही तो मांग हो रही है। लॉयन ऑर्डर पर कांग्रेस ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर सुधारिए लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं है।
सवाल- आप किस तरह के षडयंत्र की बात कर रहे?
- जवाब- सरकार बनाने के लिए आप हमारा साथ लेते हैं और जब सरकार चलने लगती है तो आप कांग्रेस और कांग्रेस के वर्करों को हाशिए पर डाल देते हैं। दोस्ती करने की बात आप करते हैं। तब तो यह षड्यंत्र है न साहब।
सवाल - दरभंगा एम्स के लिए क्या सही जगह जमीन दी गई?
- जवाब - कांग्रेस के सम्मानित विधान पार्षद ने सदन में कहा था आप (नीतीश कुमार) एम्स के लिए जिस जमीन की बात कर रहे हैं वह जमीन माकूल नहीं है लेकिन इसके बावजूद आपने कुछ नहीं सुना। आज वही हुआ। आप कांग्रेस को बिल्कुल हाशिए पर डाल रहे हैं। बिहार में आपने हाशिए पर डाल दिया है और पूरे देश में आप अपने लीडरशिप के लिए प्रचार कर रहे हैं।
सवाल - आप चाहते क्या हैं?
- जवाब - हम चाहते थे कांग्रेस का लीडर कांग्रेसी हो। कांग्रेस में इनका लीडर कांग्रेसी हो और हमने अपने 25 साल के राजनीतिक कैरियर का बलिदान दिया है. कभी-कभी ऊंचे ओहदे पर बैठे लोगों को आवाज सुनवाने के लिए कुर्बानी देनी पड़ती है मेरी उम्मीद है कि हमारा हाई कमान मेरी कुर्बानी की आवाज सुनेगा और बिहार में कांग्रेस को बचाएगा।
सवाल - क्या नीतीश जी विपक्ष का मुख्य चेहरा नहीं बन सकते?
- जवाब - नीतीश कुमार पहले कांग्रेसियों के नेता ही कभी नहीं हो सकते हैं। क्योंकि उन्होंने ताउम्र कांग्रेस के खिलाफ राजनीति की है। हम बहुत छोटे कार्यकर्ता हैं कांग्रेस के ना हम तीन में है ना तेरह में। हम पीसीसी डेलिगेट हैं जो बिहार में 550 है। मेरा व्यक्तिगत इसमें कोई दूर-दूर तक कोई सवाल नहीं है। यह शुद्ध रूप से विचारधारा की लड़ाई है। कांग्रेस का विश्वास जो लोगों पर है, कॉलेज का जो वर्कर है कांग्रेस का जो वोटर है। लोगों पर जो कांग्रेस का विश्वास है उसको आप हाशिए पर डाल रहे हैं।
सवाल - क्या आपको लगता है नीतीश सरकार से जनता नाराज है?
- जवाब - बिल्कुल, जनता में सरकार के प्रति नाराजगी है। आम जनता सरकार के क्रियाकलाप से नाराज है। कांग्रेस ने बिहार सरकार को बार-बार बताया है लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। नाराजगी कांग्रेस झेलेगी ना। तो आपकी नाराजगी कांग्रेस क्यों झेले। आपसे राज नहीं चल रहा और आप राष्ट्र चलाने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस को आप षड़यंत्र के तहत हाशिए पर डाल रहे हैं मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ मैंने कोशिश की। अपनी बात पहुंचा पहुंचा पाऊं लेकिन नहीं पहुंचा पाया तो अपने आप को अलग कर लिया।
सवाल - आपने अपना इस्तीफा किस सौंपा?
- जवाब - मैंने अपना इस्तीफा सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा है लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। हमारे राजनीतिक सहयोगी भी हमारे साथ षडयंत्र कर रहे हैं धोखा कर रहे हैं। 25 साल से कांग्रेस में हैं। विधायक नहीं बने एक बार चुनाव लड़ा था महाराजगंज से।