बिहार के सीएम नीतीश कुमार और उनके मंत्रिमंडल ने आज पटना के ज्ञान भवन में मौजूद अन्य लोगों के साथ शराब का सेवन नहीं करने की शपथ ली। इन्होंने शपथ ली कि वे न तो शराब का सेवन करेंगे और न ही इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में हिस्सा लेंगे।द उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर यह कानून बनाया गया था। विधानसभा और विधान परिषद ने सर्व-सम्मति से इसका प्रस्ताव पारित किया है। शराबबंदी पर किसी भी तरह की कोताही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
डीजीपी सिंघल ने भी दिलाई शपथ
वहीं, पटना में बिहार के डीजीपी एसके सिंघल ने भी पुलिस मुख्यालय में सभी पुलिसकर्मियों को राज्य में शराबबंदी लागू करने की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले सभी अधिकारियों व कर्मियों द्वारा इस आशय का शपथ पत्र भी दिया गया। इस अवसर पर सभी अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
डीजीपी सिंघल ने कहा कि हम पूरी कोशिश के साथ प्रतिबंध लागू करेंगे। यह भी देखा जा रहा है कि लोग ड्रग्स की तरफ बढ़ रहे हैं। इसलिए, पुलिस विभाग में हम सभी प्रतिबंध लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि कोई पुलिसकर्मी शामिल पाया जाता है, तो उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
नीतीश बोले, पटना में काबू करने से पूरा बिहार नियंत्रित होगा
ज्ञान भवन में हुए कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पटना शहर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी होती है। यहां ठीक से पकड़िएगा तो बाकी जगहों पर कोई हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि पटना में काबू करने से पूरा बिहार नियंत्रित हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब नहीं पीने की सबने शपथ ली है, इसे भूलिएगा नहीं। इसके प्रति प्रतिबद्धता का ध्यान रखें। यह राज्य के हित में होगा। बिहार में शराबबंदी सफल होगी तो धीरे-धीरे और जगहों पर भी होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के पहले शराबबंदी को लेकर कई जगहों पर हम लोगों के बुलावे पर गए। केरल में भी गए, वहां के लोग 22 साल से अभियान चला रहे थे। हमने वहां बताया कि बिहार में शराबबंदी के बाद आने वाले पर्यटकों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। यह भ्रम है कि शराबबंदी से पर्यटकों की संख्या में कमी आती है।