लोजपा (रामविलास) ने मंगलवार को नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। चिराग पासवान ने नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा कि आज के बाद मुख्यमंत्री जी की विश्वसनीयता शून्य है। जिस जंगल राज का विकल्प बनकर आए थे, उसी के साथ सरकार बना ली। लोकतंत्र के मंदिर में खड़े होकर शपथ लिया कि मिट्टी में मिल जाऊंगा पर भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा, उसी भाजपा के साथ 2017 में ये चले गए।
उन्होंने कहा कि कैसे कोई ऐसे मुख्यमंत्री पर विश्वास रखेगा, जो खुद अपने शब्दों पर नहीं टिकते। इसलिए मैं चाहता हूं कि बिहार को चुनाव में जाना चाहिए। बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए। ये जोड़ तोड़ की सरकार बनाना सही नहीं है, आपकी कोई नीति, विचारधारा, सिद्धांत है कि नहीं?
तेजप्रताप यादव, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव।
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नीतीश का इस्तीफा
- इससे पहले नीतीश कुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यपाल से मिलकर भाजपा से दूरी बनाने के कयासों पर मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि सभी सांसद और विधायक इस बात पर सहमत हुए कि हमें NDA छोड़ देना चाहिए। इसके तुरंत बाद मैंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
- अगली सरकार तक नीतीश राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों के सांसद सारे विधायक और विधानपार्षद से सारी मीटिंग आज हुई। सभी की इच्छा यही थी की हमें NDA छोड़ देना चाहिए। तो जैसी सबकी इच्छा थी हमने उसी को स्वीकार कर लिया और जो में NDA की सरकार में मुख्यमंत्री था उस पद से इस्तीफा सौंप दिया।
संजय जायसवाल
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भाजपा ने लगाया विश्वासघात का आरोप
इस पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमने NDA के तहत 2020 का चुनाव एक साथ लड़ा, जनादेश जद-यू और बीजेपी को था, उसके बावजूद हमने और सीटें जीतीं, नीतीश कुमार को सीएम बनाया गया। आज जो कुछ भी हुआ वह बिहार के लोगों और भाजपा के साथ विश्वासघात है।