23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पटना में जुट रहे विपक्षी दलों में कांग्रेस की अहम भूमिका तय है और इधर बिहार में बहुप्रतीक्षित नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार हो भी रहा तो कांग्रेस की मांग पूरी नहीं हो रही। कांग्रेस विधायक दल के नए बने नेता शकील अहमद खां ने भरोसा जताया है कि 23 जून के बाद कैबिनेट विस्तार होगा।
इससे पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे और फेमस बॉलीवुड अभिनेत्री के पिताअजीत शर्मा ने 'अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार था, अब हो रहा था तो राजद-कांग्रेस के भी दो-दो विधायकों को मंत्री बना दिया जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि वह चाहें तो एक मंत्री की शपथ दिलाकर भी रह सकते हैं।
आइए जानते हैं मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या-क्या बोले कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा...
सवाल- मंत्रिमंडल विस्तार में क्या सबकी भागीदारी होना चाहिए?
- जवाब - सबकी भागीदारी का एक्सपेंशन होना चाहिए था। अब ऐसा किस परिस्थिति में कर रहे हैं, इसका जवाब मैं तो नहीं दे सकता, वह माननीय मुख्यमंत्री जी दे पाएंगे।
सवाल - कांग्रेस की क्या डिमांड है?
- जवाब - कांग्रेस का अपना डिमांड है चाहे अध्यक्ष हो या प्रभारी हो तो दो सीट और चूंकि जिस अनुपात से राजद और जदयू के मंत्री बने थे, उस हिसाब से 4 सीट पर एक मंत्री बनते हैं। वैसे देखें तो हमलोगों (कांग्रेस) के भी 19 विधायक हैं, तब तो हमारे भी 5 मंत्री बनते। एक सीट कम है तो चलिए 4 मंत्री ही दे दिया जाए।
सवाल - मंत्रिमंडल में मंत्री पद के लिए बात चल रही है क्या?
- जवाब - अध्यक्ष लोग बात कर रहे हैं। अखिलेश जी भी बात किए थे। भक्त चरण दास जी भी बात किए थे लेकिन अभी तक हुआ नहीं है। फिलहाल इस पर हम कोई प्रकाश नहीं डाल पाएंगे।
सवाल - क्या आपको लगता है कि मंत्रिमंडल विस्तार होना चाहिए?
- जवाब - होना चाहिए। जब एक्सीटेंशन हो रहा है तो हमारा मानना है कि अब आगे लोकसभा चुनाव है। कोई भी मंत्री बनेगा और एक साल काम नहीं करेगा तो जनता को समझ में क्या आएगा। मंत्री ने क्या काम किया, कैसे किया यह भी जनता देखेगी। इसलिए देरी नहीं करनी चाहिए थी अब तो मुख्य मुख्यमंत्री जी बताएंगे कि ऐसा क्यों कर रहे हैं। इसका जवाब तो हम नहीं दे पाएंगे।