पुलिस ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही।
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बिहार के देहाती इलाकों में अब लुटेरे डिजिटल लूट भी करने लगे हैं। अब उनकी नजर आपके बैंक अकाउंट पर भी है। कैश नहीं मिलने पर हथियार के बल पर मनी ट्रांसफर कर लेते हैं। डिजिटल लूट की ये घटना जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र स्थित पूर्वी कोल्हुआ की है। तीन बदमाश आरा मिल (लकड़ी काटने की मशीन) में घुसे। चाकू की नोंक पर लकड़ी व्यवसायी के UPIएप से 49,600 रुपये ट्रांसफर कर लिए। अब व्यवसायी ने पुलिस से रकम बरामदगी की गुहार लगाई है।
3700 रुपए बचे थे, उसे भी निकाल लिया
मामले में लकड़ी व्यवसायी अमित कुमार ने बताया कि रविवार मध्य रात्रि मैं अपने मिल पर सोया हुआ था। अचानक 3 बदमाश मिल में घुस गए। विरोध करने पर मारपीट की और मुझे बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाश गल्ला तोड़कर कैश की तलाश करने लगे, लेकिन कैश नहीं मिला। इतने में बदमाशों ने मेरा मोबाइल छीन लिया। इसके बाद मेरे यूपीआई एप का पासवर्ड मांगने लगे। मना किया तो मेरे गर्दन पर चाकू रख दी। मैंने डर से ट्रांजेक्शन पासवर्ड बता दिया। बदमाशों ने यूपीआई एप से पहले एक हजार रुपये फिर 1999 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद तीन बार 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इतना ही नहीं, जब मोबाइल में लो बैलेंस का मैसेज आया तो बदमाशों ने अंत में 3700 रुपये निकाल कर पूरा अकाउंट खाली कर दिया। 12 मिनट के अंदर बदमाशों ने 10 ट्रांजेक्शन किया। इसके बाद मुझे फिर से पीटा और कहा कि इस घटना के बारे में किसी को बताया तो जान से मारे जाओगे।
लकड़ी खरीदारी के लिए ये रुपये रखे थे
अमित कुमार ने बताया कि मेरे खाते में 49,600 रुपये ही बचे थे। लकड़ी खरीदारी के लिए ये रुपये रखे थे, लेकिन बदमाशों ने चाकू की नोंक पर इसे भी लूट लिया। पुलिस से अपील है कि वो इस मामले को गंभीरता से ले। और बदमाशों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे। खैरा थानाध्यक्ष सिद्धेश्वर पासवान ने बताया कि मामले को लेकर पीड़ित ने लिखित जानकारी दी है। जिस खाते में मनी ट्रांसफर किए गए हैं, उसकी जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।