न्यायपालिका पर घड़ी में विश्वास और फिर अविश्वास यह चरित्र ही समझ से परे है। यही लोग कुछ दिन पहले लैंड फॉर जॉब घोटाले में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को जमानत मिलने पर कोर्ट की शान में कसीदे गढ़ रहे थे और अब कोर्ट को ही कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। न्यायपालिका की गरिमा को लेकर दो तरह की बातें अशोभनीय हैं। उस दिन एक कोर्ट ने लालू को बेल दिया तो मिठाइयां बांट रहे थे और कल जब दूसरे कोर्ट ने कांग्रेसी सांसद को दो साल की सजा सुनाई तो न्यायपालिक को विलन बना दे रहे। हद है...यह बातें शुक्रवार को भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने विधानमंडल परिसर में पत्रकारों को राहुल गांधी की सजा और सांसदी जाने के घटनाक्रम पर सत्ताधारी सदस्यों के हंगामे की प्रतिक्रिया में कही।
बचौल ने कहा कि जो भी भारत के कानून का मजाक उड़ायेगा, उसके साथ ऐसा ही होगा। राजद के लोग भी हतप्रभ हैं। उनका भी कल क्या होगा, वह भी आपलोग देखेंगे। बचौल ने कांग्रेस और राजद पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने चोरी किया, देश की संपत्ति को लूटा है, लोगों को अपमानित किया है। अब उनपर कार्रवाई हुई है तो वह बिलबिला रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि इस देश में जो भी हैं, वह देश का सम्मान करें।
यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है
राहुल गांधी की सजा पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर तो मैं ऊंगली नहीं उठा सकता लेकिन उसके पहले का जो प्रोसेस है, उसपर सरकार का दखलअंदाजी होती है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। देश में इस वक्त विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है।