बिहार में इन दिनों उपचुनाव को लेकर उठा-पटक मची हुई है। इसी बीच बिहार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी पर आरोप लगाया है। उन्होंने मुकेश सहनी पर मछुआरों और विभाग को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। संजय जायसवाल ने कहा कि मैं आज सदमे में हूं। मंत्रालय के 30 से अधिक सदस्यों ने मामले में बिहार के मंत्री की लापरवाही के बारे में शिकायत की है। मंत्री ने स्थायी समिति को भंग करने के लिए कहा है और एक अधिकारी नई समिति का प्रभारी होगा। यह चौंकाने वाला है।
बाद में उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य साहनी को बार-बार पत्र लिख रहे थे, लेकिन यह स्पष्ट करने में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई कि पारंपरिक मछुआरा समाज में किस वर्ग को शामिल किया जाना है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि साहनी जीवन भर सबको धोखा देते रहे और अब उन्होंने अपने ही समाज को भी धोखा दिया है। इसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी।
वीआईपी बिहार में नीतीश कुमार जनता दल युनाइटेड-भाजपा की गठबंधन सरकार की घटक है। बीते बुधवार को वीआईपी को उस वक्त बड़ा झटका लगा था जब उसके तीनों विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद गुरुवार को बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा था कि मुकेश सहनी के नेतृत्व वाली वीआईपी अब खत्म हो चुकी है। यह अब बिहार में एनडीए में नहीं है।
भाजपा की इस्तीफे की मांग के बाद, सहनी ने गुरुवार को बिहार कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर फैसला लेना है और वह उनके आदेशों का पालन करेंगे।