भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा।
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बिहार भाजपा ने भी शिक्षक अभ्यर्थियों का विरोध किया है। भाजपा ने 13 जुलाई विधानसभा मार्च का एलान किया है। कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठी बरसाना अन्याय है। प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि जब से बिहार में महागठबंधन की सरकार आई है, तब से प्रदेश भ्रष्टाचार और जंगलराज से ग्रसित हो गया है। महागठबंधन की नौ महीने की सरकार में बहाली एक नहीं हुई, लेकिन 10 लाख लाठी बिहार का युवा अबतक खा चुका है। आज एक बार फिर से पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुआ लाठीचार्ज हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष बोले- शिक्षक बहाली करने की नियत ही नहीं है
वहीं नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि महागठबंधन सरकार को शिक्षक बहाली करने की नियत ही नहीं है, आप सिर्फ बरगलाना चाहते हैं। बिहार सरकार को दस लाख सरकारी नौकरी का जवाब देना चाहिए। भाजपा की मांग है कि CTET-BTET-STET को BPSC से छूट देकर सीधी नियुक्ति हो। नियोजित और शिक्षक को राज्यकर्मी का दर्जा मिले। साथ ही भाजपा अब शिक्षकों के हित में सड़क पर उतरेगी। रोजगार के मुद्दे पर हमलोग महागठबंधन की सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरेंगे। इसे लेकर 13 जुलाई को "विधानसभा मार्च" का आयोजन करेगी।
भाजपा का सवाल- रोजगार की मांग कर रहे यह युवा आतंकवादी हैं?
इधर, बिहार भाजपा ने सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में घायल अभ्यर्थी की तस्वीर शेयर की। और लिखा कि क्या रोजगार की मांग कर रहे यह युवा आतंकवादी हैं? बिहार में निर्दयता और अत्याचार की अति हो गई है। अपने जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा बिहार का युवा आखिर कबतक लाठी खाएंगे? अब महागठबंधन सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
मजदूर बनाने के लिए यह तुगलकी फरमान जारी किया
शिक्षक अभ्यर्थी ने कहा कि हमलोग बिहार सरकार के हर मंत्री और विधायक को
घरेंगे। इनलोगों ने हमारी डोमिसाइल नीति खत्म कर दी। यह बिहार का अपमान है। बिहार के बच्चों को गरीब और मजदूर बनाने के लिए यह तुगलकी फरमान जारी किया है। यह काला कानून गलत है। मुख्यमंत्री जी से हमलोग मिलकर बात करना चाहते हैं कि हमारी डोमिसाइल नीति लागू करें।