कई आपत्तिजनक सामान के साथ पुलिस की गिरफ्त में पांच आरोपी
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बेगूसराय में पुलिस ने आगामी एक अक्टूबर को होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में मुन्ना भाई बनाने वाले पांच माफियाओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार, बिट्टू कुमार, गुलशन कुमार, रामबाबू यादव एवं अभय कुमार के रूप में की गई है।
नगद रुपया के साथ कई आपत्तिजनक सामान बरामद
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है वे सभी छौड़ाही थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से एक लाख पंचानवे हजार नगद, तैतीस पीस वॉकी टॉकी, तैंतीस पीस वॉकी टॉकी का डिवाइस, सोलह पीस ब्लूटूथ, एक पीस पेनड्राइव एवं छह मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावे इनके पास से पुलिस ने केंद्रीय चयन पर्षद बिहार पटना द्वारा जारी प्रवेश पत्र की एक सौ छत्तीस कॉपी और तीन सादा फॉर्म भी बरामद किए हैं।
प्रेसवार्ता करते बेगूसराय एसपी योगेन्द्र कुमार
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कोचिंग संस्थान के माध्यम से बनाते थे अभ्यर्थियों को बनाते थे ग्राहक
बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सभी अभियुक्त छौड़ाही थाना क्षेत्र के शेखटोला एकम्बा में इंडियन फिजिकल अकादमी के नाम से एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं और इसी कोचिंग संस्थान के माध्यम से अभ्यर्थियों को बरगलाकर एवं सेटिंग का वादा करके उनसे रुपए की उगाही करते हैं। एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि 27 सितंबर को उन्हें गुप्त सूचना मिली कि उक्त अकादमी के संचालक के द्वारा नए-नए छात्रों को बरगलाकर एवं उन्हें सिपाही भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का प्रलोभन देकर बरगलाया जा रहा है। सूचना देने वाले ने यह भी बताया कि अभी भी कई छात्र वहां उपस्थित हैं। इसी सूचना के आधार पर बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने तुरंत मंझौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्याम किशोर रंजन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया एवं उक्त स्थल पर छापेमारी करने का निर्देश दिया।
कितने रुपये में पटते थे ग्राहक
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह ग्राहकों से 5 लाख से आठ लाख तक से ग्राहक को पटाना शुरू करते थे। मोलभाव करते करते जो जितना में मान जाय उतना में उसे अपने चंगुल में फंसा लेते थे। ग्राहक को गिरफ्त में करने के लिए पहले ही एक लाख एडवांस ले लेते थे ताकि ग्राहक भाग नहीं पाए। इस तरह इनलोगों ने लगभग 150 ग्राहक बनाये जिसमें 136 लोगों को येलोग कन्फर्म कर चुके थे।
प्रेसवार्ता में आरोपियों को ले जाते पुलिसकर्मी
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धंधेबाजों ने बताया कैसे होता प्रश्नपत्र लीक
सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की जिसमें पांच लड़कों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान सभी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि आगामी होने वाली एक अक्टूबर को सिपाही भर्ती परीक्षा में सभी छात्रों को उत्तीर्ण कराने की योजना थी। इन लडकों ने इस धंधे में शामिल कुछ अन्य अभियुक्त के भी नाम बताये हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। फिलहाल पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है । हालांकि बेगूसराय पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए यह कामयाबी जरूर हासिल की गई है लेकिन ऐसे मामले सामने आने के बाद एक बार फिर बिहार में आयोजित परीक्षाएं संदेह के घेरे में है