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चार लाख स्मार्टफोन धारी चौकीदार करेंगे पीएम मोदी की रैलियों का प्रचार

Wed, 21 Oct 2020 02:29 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, पटना
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पीएम मोदी - फोटो : twitter@ bjp
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वैश्विक महामारी कोरोना ने बिहार विधानसभा चुनाव में अमूमन सभी दलों को डिजिटल प्लेटफार्म पर सक्रिय कर दिया है। चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से चुनाव में भाग ले रही विभिन्न पार्टियों के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। यही कारण है कि आज बिहार जैसे पिछड़े राज्य के नेताओं और पार्टियां भी फेसबुक और ट्विटर हैंडल को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। सभी दल इस माध्यम का भरपूर उपयोग करने में लगे हैं।

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भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने में आगे रह रही है। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 सभाएं राज्य में होनी हैं। पहली तीन सभा इस महीने की 23 तारीख को होगी। बाकी नौ सभाएं 28 अक्तूबर, एक नवंबर और तीन नवंबर को होंगी। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए चार लाख स्मार्टफोन धारी चौकीदार तैनात किए गए हैं। साथ ही 10 हजार सोशल मीडिया कमांडो भी तैयार किए गए हैं जो साथ मिलकर पीएम मोदी की रैलियों में कही बातों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के काम में लगेंगे। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियां उनके फेसबुक और ट्विटर अकाउंट से भी लाइव प्रसारित की जाती हैं। पीएम मोदी के फेसबुक पर साढ़े चार करोड़ से ज्यादा और ट्विटर पर छह करोड़ से अधिक फोलोवर्स हैं। वहीँ कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी को फेसबुक पर 41 लाख और ट्विटर पर 1.6 करोड़ लोग फॉलो करते हैं। 
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भाजपा के प्रदेश इकाई (बिहार भाजपा) के फेसबुक पेज को पांच लाख और ट्विटर को 1.91 लाख लोग फॉलो करते हैं। भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का एक ही फेसबुक पेज है। जदयू के फेसबुक को 3.5 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं तो पार्टी के ट्विटर हैंडल को 40 हजार लोग ही फॉलो करते हैं। 

वहीँ राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के फेसबुक पेज को 5.25 लाख से अधिक और ट्विटर को 3.5 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। जबकि बिहार कांग्रेस के फेसबुक पेज पर 1.5 लाख और ट्विटर पर महज 28 हजार लोग ही हैं। 

वहीं मुख्यमंत्री पद के दोनों दावेदारों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के फेसबुक और ट्विटर अकाउंट की तुलना करें तो एक रोचक तस्वीर उभर कर सामने आती है। ट्विटर पर नीतीश कुमार के फॉलोवर (60 लाख) की संख्या तेजस्वी (26 लाख) की तुलना में लगभग दो गुना अधिक है। जबकि फेसबुक पर तेजस्वी (17.78 लाख) सीएम नीतीश कुमार (16.23 लाख) से आगे हैं। 

उधर राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के फेसबुक नेशन पेज को 1.66 करोड़ और ट्विटर को 1.40 करोड़ लोग फॉलो करते हैं जबकि कांग्रेस के लिए यह आंकड़ा क्रमशः 58 लाख और 72 लाख है।
जाहिर है बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफार्म पर दलों की लोकप्रियता को नेताओं के ब्रांड वैल्यू ने ढंक सा दिया है। पार्टी से अधिक नेताओं के फोलोवर हैं। अब देखना होगा कि चुनाव में नेताओं की पॉलिटिकल और डिजिटल ब्रांड वैल्यू कितना असर डालती है। 

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