बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के बीच जारी जुबानी जंग अब पोस्टर में तब्दील होती दिखाई दे रही है। मंगलवार को एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बिहार सरकार के खिलाफ पोस्टर जारी किया गया। पोस्टर वार से दोनों पार्टियां वोटरों को भटका कर अपने खेमे में वोट करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही हैं।
मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से जारी पोस्टर में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पर निशाना साधा गया। आरजेडी ने 'कुर्सी के प्यारे-बिहार के हत्यारे' नाम से पोस्टर जारी किया है। पोस्टर में बिहार को डूबते हुए दिखाया गया है। वहीं सरकार को खिलाड़ी बताते हुए कुर्सी-कुर्सी खेलने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बिहारी लुट रहा है और जनता का शोषण, अत्याचार व उत्पीड़न किया जा रहा है। पोस्टर में सरकार द्वारा लोगोें को बेरोजगार करने और भ्रष्टाचार फैलाने वाला बताया है। वहीं पोस्टर के जरिए वार किया कि चोरी से आई सरकार पूरा बिहार ले डूबी।
इससे पहले भी जारी हो चुके हैं पोस्टर
इससे पहले पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के खिलाफ आरजेडी समर्थकों ने 'ट्रबल इंजन' पोस्टर लगवाए। पोस्टर के जवाब में जेडीयू समर्थकों ने लालू यादव की 'अपराध गाथा' और 'पटना-होटवार करप्शन मेल' नाम से पोस्टर्स जारी किए। इन पोस्टरों में 'चारा घोटाले' की सांकेतिक तस्वीर को भी दर्शाया गया। पोस्टरों में लालू प्रसाद यादव के साथ तेजस्वी यादव को भी दिखाया गया था।
नए साल की शुरुआत से जारी है पोस्टर वार
नए साल की शुरुआत से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने एक-दूसरे पर पोस्टर के जरिए निशाना साधा था। जदयू ने आरजेडी के 15 सालों पर निशाना साधते हुए 'हिसाब दो हिसाब लो' का पोस्टर लगाया था। इसके जवाब में आरजेडी ने पोस्टर जारी किया और लिखा था कि ‘झूठ की टोकरी, घोटालों का धंधा’। आरजेडी प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा गया था।