बिहार में खत्म हुए दूसरे चरण के मतदान के बाद छह जिलों की 32 विधानसभा सीटों पर कुल 456 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। जिसका फैसला अब 8 अक्टूबर को मतगणनना के बाद होगा। मतदान का दूसरा चरण खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई महत्वपूर्ण उम्मीदवारों की किस्मत इस बार दांव पर लगी हुई है। जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदूस्तान अवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी और निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी शामिल हैं।
इसके अलावा बिहार से भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बताए जा रहे दो बड़े नेताओं प्रेम कुमार और राजेन्द्र सिंह की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है। चुनावों का यह चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां वोटरों के मूड पर भी सबकी निगाहें लगी हुई हैं।
भाजपा के दो मुख्यमंत्री उम्मीदवार की किस्मत भी दांव पर
दूसरे चरण में सबसे ज्यादा निगाह अगर किसी सीट पर है तो वो है गया जिले की इमामगंज सीट। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के बीच सीधी भिड़ंत है। यहां मुकाबला काफी नजदीकी माना जा रहा है।
दोनों प्रत्याशियों की हार जीत ही बिहार की राजनीति में उनके आगे का भविष्य तय करेगी। हारने पर किसी के कॅरियर का पटाक्षेप भी हो सकता है। वहीं गया से चुनाव लड़ रहे और छठी बार जीत की तलाश में लगे प्रेम कुमार पर भी सबकी निगाहें लगी होंगी।
क्योंकि अगर वह जीत दर्ज करते हैं तो राजग की जीत की स्थिति में उन्हें मुख्यमंत्री का पद भी मिल सकता है। इसके अलावा भाजपा से ही मुख्यमंत्री पद के एक और बड़े दावेदार राजेन्द्र सिंह पर भी सबकी निगाहें जमी हुई हैं।
जेडीयू के कई मंत्रियों का भाग्य भी ईवीएम में कैद
संघ प्रचारक से राजनेता बने राजेन्द्र सिंह दिनारा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला जेडीयू नेता और मंत्री रहे जय कुमार सिंह से है, जो यहां से निवर्तमान विधायक हैं।
पहली बार चुनाव लड़ रहे राजेन्द्र सिंह का नाम काफी तेजी से मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। वह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन इससे पहले झारखंड में भाजपा की जीत की पटकथा तैयार करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। इसी वजह से दिनारा सीट अचानक सुर्खियों में आ गई है।
इसके अलावा भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और नोखा से निवर्तमान विधायक रामेश्वर चौरसिया एक बार फिर मैदान में हैं। वहीं जेडीयू सरकार में मंत्री रहे विनोद यादव पर भी सबकी निगाह रहेंगी।