एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान (फाइल फोटो)
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'कोरोना काल' में ही बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। वर्तमान में एनडीए सरकार में शामिल लोजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान समेत पूरी पार्टी के नेताओं के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं।
चिराग पासवान जेडीयू को लेकर तल्ख तेवर अपनाए हुए हैं। सोमवार को उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में भी स्पष्ट कर दिया कि वे आगे भी राज्यहित के मुद्दे उठाते रहेंगे, अब इसे कोई आलोचना समझे तो उन्हें कुछ नहीं कहना। चिराग के इस तेवर के बाद पार्टी के दूसरे नेता भी नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों पर हमलावर हो गए हैं।
चिराग पासवान ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। इसमें पार्टी के सभी सांसद, विधायक सहित जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष मौजूद थे। बैठक में चिराग ने कोरोना जांच में बरती जा रही लापरवाही का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार में जांच बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन आज भी बिहार में आरटी-पीसीआर टेस्ट काफी कम हो रहे हैं। उन्होंने बैठक में ये भी कहा कि जब हमने प्रधानमंत्री की बात दोहराई तो मुझ पर ही हमले शुरू हो गए।
एलजेपी-जेडीयू के बीच वाक् युद्ध
चिराग पासवान के तल्ख तेवर के बाद पार्टी के दूसरे नेताओं ने भी नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों पर हमला बोल दिया। लोजपा प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने नीतीश कुमार को कृपा पर बना मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि "ये लोग जो खुद कृपा पर सीएम बने हैं, उनका बोलना अपने मालिकों के लिए जायज है। ये लोग प्रधानमंत्री का अनादर करते हैं और कोई सच बोले तो ये लोग वफादारी दिखाने में कंपीटिशन करते हैं।"
मंत्रियों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है- लोजपा
लोजपा के प्रधान महासचिव शाहनवाज अहमद कैफी ने तो यहां तक कह दिया कि "जेडीयू के मंत्रियों का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के बारे में टिप्पणी करने से पहले कृपा पात्र अपने नेता के बारे में विजेन्द्र यादव को सोचना चाहिए। 15 वर्ष किसी का साथ लिए एक कदम न चलने वाले भी बोलने लगे हैं।"