रेलवे पटरी चोरी करने के आरोप में RPF ने एक को गिरफ्तार कर लिया।
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रेलवे की बेकार पटरियां और इंजन स्क्रैप के बाद अब बिहार में नया खेल सामने आया है। यह मसला चोरी नहीं, सीनाजोरी का है। पेटी कांट्रैक्टर जैसे काम करने वाले कुछ लोगों का गिरोह सरकारी सिस्टम को समझते हुए फर्जी कागजातों के साथ पहुंचा और रेलवे के गोदाम से 17 टन पटरियां उठवाने लगा। कागजातों में इस गिरोह ने इतने वजन की पटरियों के खरीदने की जानकारी दिखाई और हाइड्रा से सामान लोड भी कराने लगा। खबर पुलिस तक पहुंची तो जांच शुरू हुई, मौके से छह गिरफ्तार किए गए। एक अगले दिन गिरफ्तार हुआ, लेकिन आठवां फरार था। उसे नोएडा के सेक्टर 39 थाने से गिरफ्तार कर रेलवे पुलिस फोर्स बिहार आ चुकी है।
गोदाम से रेल पटरी को ट्रक पर लोड कर रहा था
RPF के अनुसार, 9 मई को रणविजय सिंह अपने सहयोगियों के साथ दिनदहाड़े गोदाम से रेल पटरी को ट्रक पर लोड कर रहा था। पूछने पर उसने कागज दिखाया और कहा कि टेंडर पाने के बाद हमलोग लोहा लोड कर रहे हैं। कागज की जांच में पता चला कि वह नकली थी। इसके बाद 17 टन लोहे की पटरी को जब्त कर लिया गया। इस दौरान रणविजय सिंह और उसके साथी भागने में कामयाब हो गए। उस वक्त छापेमारी कर 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
रणविजय के सहयोगियों की तलाश में छापेमारी चल रही
RPF के अनुसार, रणविजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर ली गई। उसकी तलाश में छापेमारी चल रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि वह नोएडा में छिपा हुआ है। इसके बाद नोएडा पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे पूछताछ के लिए भागलपुर लाया गया है। रेलवे पटरी को पहले ही जब्त कर लिया गया है। वह RPF अभिरक्षा में है। रणविजय से मामले में पूछताछ की जार ही है। आगे की कार्रवाई चल रही है।