फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: लू से पहले बिहार अलर्ट: मुख्य सचिव का सख्त निर्देश, सभी विभाग तुरंत तैयारी में जुटें

Mon, 16 Mar 2026 09:33 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar: बिहार में संभावित हीटवेव को देखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दस विभागों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सभी को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश दिया है। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ, अस्पतालों में ORS की व्यवस्था और मजदूरों व बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने को कहा गया है।
विज्ञापन
बैठक करते मुख्य सचिव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में भीषण गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, नगर विकास एवं आवास सहित कुल दस विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सभी विभागों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने का निर्देश दिया। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि अप्रैल के मध्य से मई और जून तक राज्य में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसके मद्देनजर सभी विभागों को पहले से तैयार एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।

विज्ञापन


सार्वजनिक स्थानों पर होगी प्याऊ की व्यवस्था
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत कर पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

अस्पतालों में ORS और इलाज की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि अप्रैल शुरू होने से पहले सभी सिविल सर्जन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों के साथ बैठक कर तैयारी सुनिश्चित की जाए। हर स्वास्थ्य केंद्र पर ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता रहे और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन किया जाए।
विज्ञापन


बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाव के तरीके बताए जाएं और हर स्कूल में ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था रहे। बच्चों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मजदूरों और कामगारों के लिए विशेष व्यवस्था
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग को खुले में काम करने वाले मजदूरों, भवन निर्माण स्थलों और कारखानों में काम करने वालों के लिए पेयजल, आइस पैक, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही गर्मियों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ढीले तारों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि आग लगने की घटनाओं से बचाव हो सके।

परिवहन और कार्यस्थलों के लिए भी निर्देश
लू के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन के परिचालन को नियंत्रित या सीमित करने का सुझाव दिया गया है। सार्वजनिक वाहनों में पेयजल, ओआरएस और प्राथमिक उपचार किट रखने तथा बस स्टैंडों पर हैंडपंपों की समय पर मरम्मत कराने को कहा गया है। इसके अलावा मनरेगा और अन्य कार्यस्थलों पर भी पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

ये भी पढ़ें: बिहार में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई, मुख्य सचिव ने की बैठक
विज्ञापन


पशु-पक्षियों और जलस्तर पर भी नजर
मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और खासकर गर्भवती महिलाओं तथा नवजात बच्चों के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए चिन्हित स्थानों पर पानी की व्यवस्था करने और चल चिकित्सा वाहनों के माध्यम से उनकी निगरानी व इलाज कराने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी को साप्ताहिक आधार पर जलस्तर (वॉटर टेबल) की निगरानी करने और जलस्तर गिरने पर तुरंत राहत उपाय शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी पानी के टैंकरों की मरम्मत और सफाई 10–15 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा गया।  

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें