बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी को लेकर विपक्ष के हमलों से चाहे कितने भी घिरे हो? लेकिन शराब पर बिहार सरकार के प्रतिबंध को वो बिल्कुल जायज ठहराते हैं और इसके खत्म होने की किसी भी संभावना से उन्होने इंकार कर दिया। मौका था महात्मा गांधी के 150वीं जयंती का जब बापू सभागर में उन्होने दो टूक में साफ कहा 'चाहे कोई मुझे दफन क्यों न कर दे, लेकिन बिहार में हमेशा शराबबंदी रहेगी' ।
मुख्यमंत्री ने बापू के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि शायद लोगों को बिहार में शराबबंदी की वजह से आई शांति अच्छी नहीं लग रही, तभी लोग मुझ पर प्रहार कर रहे हैं। महात्मा गांधी का दृष्टांत देते हुए कहा कि बापू जब सबको आदर्शवादी ना बना सके तो दूसरे भी ऐसा कहां कर पायेंगे। गड़बड़ करने वाले लोग को हर समाज और हर दौर में होते हैं। लेकिन ऐसे लोग समाज के लिए घातक साबित होते हैं इसलिए इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शराब पीने के नुकसान पर ध्यान आकर्षित करते हुए सीएम ने कहा कि शराब सिर्फ पैसा ही नहीं छीनती बल्कि अक्ल भी छीन लेती है। शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। शराबबंदी के लिए हमलोग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इससे कोई समझौता नहीं करेंगे। पुलिस को विशेष दिशानिर्देश दिये गये हैं और राज्य में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में समाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पुलिस अधिकारी लोगों को शराबबंदी,दहेज और बालविवाह के प्रति जागरूक करेंगे। इतना ही नहीं बापू की दी सीख को अमल में लाने के लिए हर स्तर पर काम होगा और गांधी जी के बताये सात महापापों को सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर लिखा जायेगा ताकि वो अधिकारियों को प्रेरित करे । मुख्यमंत्री ने ये भी गुजारिश की कि सरकारी अधिकारी गड़बड़ी करने वालों का पक्ष लेने की बजाए ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करें जो शराब,दहेज प्रथा और बालविवाह जैसे अपराध में लिप्त हैं।
बापू सभागार में नीतीश कुमार ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी की ओर हम सकारात्मक हो कर बढ़ रहे हैं लेकिन कुछ लोग इसमे व्यवधान भी डाल रहे हैं, ऐसे लोगों के साथ कानून सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। सरकारी तंत्र भी आदर्शवादी नहीं हो सकता है। सरकारी सेवकों को पता है कि गड़बड़ी करने पर कार्रवाई होगी और लापरवाही बरतने पर उनकी भी नौकरी जा सकती है। कई अफसर ये जानते हुए भी गड़बड़ी कर रहे हैं, मैं उनको चेतावनी देता हूं कि सुधर जायें। बाल विवाह और दहेज के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मामलों में कमी भा आ रही है। बापू की सोच के मुताबिक ये सभी काम धीरे-धीरे किये जा रहे हैं। हर घर नल का जल, शौचालय और बिजली की व्यवस्था की जा रही है।
नीतीश ने गांधी जयंती पर ये भी कहा कि बापू के बताए 7 सामाजिक महापाप को थाने से लेकर सचिवालय व कार्यालयों में लिखवाने को कहा गया है। राष्ट्रपिता ने सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और त्याग के बिना पूजा को सामाजिक महापाप बताया था।