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बिहार: प्रदेश को एआई व नई तकनीक का हब बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री ने बनाई खास रणनीति; क्रियान्वयन के निर्देश

Thu, 22 Oct 2026 07:18 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार एआई नीति 2026 की समीक्षा करते हुए राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने एआई कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उद्यमों को प्रोत्साहित करने, युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने और नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम गठित कर समयबद्ध लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
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बिहार एआई नीति 2026 की समीक्षा करते हुए सीएम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में बिहार एआई नीति 2026 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए।
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बैठक में सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने एआई नीति के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इसमें निवेश को प्रोत्साहित करने और युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उपाय शामिल थे। एआई के विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने राज्य में एआई कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित करने को कहा। इसका उद्देश्य बिहार को नई तकनीक और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाना है। उन्होंने एक विशेष टीम गठित करने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह उपस्थित थे।
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नीति के प्रमुख उद्देश्य
बिहार एआई नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य राज्य में नई तकनीक को बढ़ावा देना है। यह नीति नवाचार और कौशल विकास को भी प्रोत्साहित करेगी। डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इससे बिहार के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना भी इस नीति का उद्देश्य है।

युवाओं के लिए प्रशिक्षण
नीति के तहत अगले पांच वर्षों में पांच लाख विद्यार्थियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका लक्ष्य प्रत्येक वर्ष एक लाख युवाओं को एआई में दक्ष बनाना है। यह प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। राज्य में एआई कंपनियों और डिजिटल उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

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नवाचार और कार्यक्रम
बड़े एआई मॉडल सहित आधुनिक एआई तकनीकों के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। एआई के विकास हेतु जरूरी तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। राज्य सरकार के नेतृत्व में संचालित होने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। अगले पांच वर्षों तक बिहार में प्रत्येक वर्ष एक बड़ा एआई कार्यक्रम आयोजित होगा। यह कार्यक्रम विशेषज्ञों, कंपनियों, स्टार्टअप्स और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाएगा।
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