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Bihar : सुपर 30 वाले आनंद कुमार के नाम एक और उपलब्धि, जानें अब क्यों चर्चा में हैं पद्मश्री सम्मानित शिक्षक

Wed, 27 Dec 2023 12:28 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Anand Kumar : गणितज्ञ आनंद कुमार ने कहा कि कोरिया के मशहूर प्रकाशक प्लान जी कंपनी लिमिटेड पब्लिशिंग हाउस ने कोरियाई भाषा में मेरी बायोग्राफी पब्लिश कर ही दिया। आज मुझे खुद पब्लिशिंग कंपनी के तरफ से युजन हान ने किताब की एक कॉपी भेंट की।
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आनंद कुमार ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और देश के जाने-माने गणितज्ञ आनंद कुमार पर आधारित किताब सुपर 30 अब कोरियाई भाषा में भी उपलब्ध रहेगी। यह पुस्तक हिंदी,अंग्रेजी और पांच अन्य भारतीय भाषाओँ में प्रकाशित हो चुकी है। फेमस कनाडाई मनोवैज्ञानिक बिजू मैथ्यू और भारतीय लेखक अरुण कुमार द्वारा लिखित यह पुस्तक केवल कोरियाई हीं नहीं बल्कि अन्य विदेशी भाषाओं में भी छपने की होड़ में है। अन्य भाषाओं में इस किताब के प्रकाशित होने की वार्ता अभी प्रगति में है।

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मेरी बायोग्राफी पब्लिश करने के लिए संपर्क किया था
गणितज्ञ आनंद कुमार ने कहा कि अगर आप अपना रास्ता नहीं बदलते हैं और धैर्य बनाये रखते हैं तब एक न एक दिन आपकी ख्वाहिशें जरूर पूरी होती हैं। ऐसा मैं इसलिए बता रहा हूं कि यह मेरा अनुभव भी है। आज से कोई 12 साल पहले एक कोरियन पब्लिशर ने मेरी बायोग्राफी पब्लिश करने के लिए संपर्क किया था। बात आई और गयी। आखिरकार कोरिया के मशहूर प्रकाशक प्लान जी कंपनी लिमिटेड पब्लिशिंग हाउस ने कोरियाई भाषा में मेरी बायोग्राफी पब्लिश कर ही दिया। आज मुझे खुद पब्लिशिंग कंपनी के तरफ से युजन हान ने किताब की एक कॉपी भेंट की। उन्होंने बताया कि कोरिया में खासकर युवा इस किताब को खूब पसंद कर रहें हैं। लेखक कनाडा के प्रतिष्ठित डॉ. बीजू मैथ्यू तथा अरुण कुमार जी को धन्यवाद देता हूं।

शिक्षा और ज्ञान में जीवन बदल देने की क्षमता है
वहीं कोरियाई पब्लिशिंग संसथान द प्लान जी को. लि. के सीइओ क्युंग ए ली ने इस पुस्तक और इसके नायक आनंद कुमार की बड़ाई में कसीदे गढ़ते हुए कहा कि इस पुस्तक और खुद आनंद कुमार से लाखों छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणा मिली है। इस पुस्तक के माध्यम से यह सीख मिलती है कि शिक्षा और ज्ञान में जीवन बदल देने की क्षमता है और पिछले दो दशकों से ये किताब यही करता आ रहा है। भेदभाव को ख़त्म कर सामाजिक परिवर्तन के लिए लक्षित इस पुस्तक का हिंदी और अंग्रेजी संस्करण अब तक एक लाख से भी ऊपर बेचा जा चुका है।
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