बिहार के रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी घटना है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी तत्काल पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है।
शाहाबाद क्षेत्र के डीआईजी मोहम्मद रहमान ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि सभी पांच लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है। मृतकों में सभी दनवार के ही हैं। इस मामले में स्थानीय थाना प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक एक साथ कई लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया, जिससे अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी। तबियत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो और डीएम अनिमेश परासर गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने इस घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
इस घटना के बाद एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कछवां थानाध्यक्ष मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया है। एसडीपीओ नीरज कुमार पर भी कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही है। अब तक 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एक जांच दल का गठन किया गया है।
डीएम अनिमेष पराशर ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही हुई है, तो उस पर बहुत सख्त कार्रवाई की जाएगी। केवल पुलिस ही नहीं उत्पाद विभाग पर भी कार्रवाई करने की अनुशंसा की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद इलाके में अवैध रूप से शराब बिक रहा है जिस कारण आज इस तरह की घटना हुई है।
इधर, रोहतास की घटना के बाद गया में भी लोगों का गुस्सा सामने आया है। गया के पथरौरा गांव में चल रहे सैकड़ों देसी शराब भट्ठियों को ग्रामीणों ने ध्वस्त करते हुए हजारों गैलन शराब को नष्ट कर दिया। पुलिस के न आने पर ग्रामीणों ने खुद शराब माफियाओं को खदेड़ डाला।