Bihar News: पूर्वी बिहार के सबसे बड़े पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में व्यवस्थाएं राम भरोसे हैं। इस अस्पताल में इलाज के लिए भागलपुर जिला सहित बांका, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया व सीमावर्ती राज्य झारखंड के भी कई जिलों से मरीज इलाज करने के लिए पहुंचते हैं।
मायागंज अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। इस बार भी मायागंज अस्पताल से कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामनें आई, जिससे देखकर इस अस्पताल की व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल रहा है।
विज्ञापन
स्ट्रेचर मुहैया नहीं करवाई
बता दें कि खगड़िया जिला के बखरी निवासी सुशीला देवी अपने 7 वर्षीय नाती दीवाना का इलाज करवाने जेएलएनएमसीएच पहुंची, वह गंभीर अवस्था में था। बावजूद इसके उसे स्ट्रेचर नहीं मिला। मायागंज अस्पताल आने के बाद उसे गोद मे लेकर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, फिर वहां ऑक्सीजन सपोर्ट मिलने के बाद बच्चे को गोद में लेकर एक्स-रे रूम गई, उसके बाद फिर इमरजेंसी वार्ड लेकर गयी। बूढ़ी माता लाचार और बेवस दिखी उन्हें किसी ने स्ट्रेचर मुहैया नहीं करवाई।