बाहुबली नेता और मोकामा के विधायक अनंत सिंह को सरकार राहत दे भी तो कैसे? सरकार और न्यायपालिका के द्वारा जब-जब अनंत सिंह को राहत दी जाती है, वह खुद परेशानी और उलझनों को अपने पास बुला लेते हैं। इसलिए अनंत सिंह की मुश्किलें घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं।
क्या है ताजा मामला?
2 मई की तारीख, गोपालगंज जिले के मीरगंज अंतर्गत सेमराव गांवमें स्थानीय मुखिया गुड्डू राय के बेटे का उपनयन संस्कार था। उस कार्यक्रम में अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह भी आमंत्रित थे। उस वक्त वहां कई हथियारबंद लोग भी मौजूद थे,लेकिन जैसे ही छोटे सरकार की वहां एंट्री हुई, मर्यादा की सारी सीमाएं टूट गईं। उस पल का वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अनंत सिंह के स्वागत में समर्थक बेखौफ होकर हथियार लहरा रहे हैं। बैकग्राउंड में भोजपुरी अश्लील गाना भी बज रहा था। वहीं दूसरी ओर, मंच पर बार-बालाएं बज रहे गानों पर थिरक रही थीं। वहां मौजूद लोग हथियार लहराते हुए उस नर्तकी पर सरेआम पैसे लुटा रहे थे। यह नजारा उत्सव कम और शक्ति प्रदर्शन ज्यादा लग रहा था।
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रोहिणी आचार्या ने कसा तंज
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य में महिला सम्मान और कानून व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है? बाहुबलियों के आगे प्रशासन मौन क्यों रहता है? उन्होंने लिखा है, "लालू जी के द्वारा बिहार की कला - संस्कृति की एक पारंपरिक नृत्य - विधा, जिसको बिहार के शेक्सपियर कहे जाने वाले महान लोक कलाकार स्व. भिखारी ठाकुर जी ने भी संजोया , का आयोजन कराए जाने , देखे जाने पर जिन लोगों ने बेवजह सवाल उठाए थे , जिन मीडिया कर्मियों ने बिना जाने - समझे हाय - तौबा मचाई थी , वही लोग अब सत्तापक्ष के इस विवादास्पद चहेते विधायक के द्वारा अपनी अय्याशी, अपनी दबंगई का खुलेआम मुजाहिरा किए जाने पर मौन हैं ? इस मामले पर सत्तापक्ष के लोगों की चुप्पी से ही साफ़ जाहिर होता है पूरे सत्तापक्ष का चाल - चरित्र और चेहरा इस विधायक सरीखा ही है .."