मृतका के परिजनों का कहना है कि वे लोग पेशे से बढ़ई मिस्त्री का काम करते हैं। काम को लेकर घर से सभी सदस्य बाहर निकल गए थे। मृतका की मां भी घर का काम कर रही थी। इसी दौरान मुस्कान छत के ऊपरवाले कमरे में जाकर पंखे से फंदा लगाकर लटक गई। मुस्कान की आवाज सुनने पर उसकी मां ने आसपास के लोगों और रिश्तेदारों को फौरन सूचित किया। इसके बाद परिजनों की मदद से दरवाजा तोड़कर बच्ची को फंदे से उतारा। फिर आनन-फानन में इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर बबरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के परिजनों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। वहीं, जवान बेटी की मौत पर परिजन काफी सदमे में रहे और कुछ भी साफ-साफ बताने से इनकार कर दिया। मुस्कान इंटर की परीक्षा दे चुकी थी और इस साल वह स्नातक में प्रवेश करने वाली थी। हालांकि मृतका के परिजनों की चुप्पी से उसकी आत्महत्या करने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। वहीं पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर मामले की तहकीकात कर रही है।