बेली ब्रिज बंद होते ही भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन के लिए प्रशासन ने जलमार्ग की व्यवस्था शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह 6 बजे से मुफ्त फेरी सेवा शुरू हो गई, जो शाम 6 बजे तक चलेगी। बड़े जलयानों के जरिए यात्री अपने सामान के साथ साइकिल और बाइक भी बिना शुल्क नदी पार कर सकेंगे। सुरक्षा कारणों से सामान्य देशी नावों के परिचालन पर रोक रहेगी।
भागलपुर की ओर बियाडा और बाबूपुर घाट से जलयान चलाए जा रहे हैं, जबकि नवगछिया की ओर जाह्नवी गंगा घाट मुख्य कनेक्शन रहेगा। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए बियाडा घाट पर समतलीकरण, वाटरप्रूफ टेंट, हाई-मास्ट लाइट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। बाबूपुर घाट पर तीन बड़े जलयान तैयार रखे गए हैं।
पढ़ें: ब्रह्मसरोवर में तर्पण, काकबलि और तारक ब्रह्म दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
बरारी घाट से फेरी सेवा नहीं चलेगी। यहां स्थायी इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है और क्रेन व भारी मशीनरी तैनात है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बियाडा घाट से जलयान पकड़ने की व्यवस्था की है। सुरक्षा के लिए प्रत्येक जहाज पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और आपदा मित्र तैनात रहेंगे। घाटों पर पुलिस भीड़ नियंत्रण और कतार व्यवस्था संभालेगी। यात्रियों के लिए मेडिकल कैंप और ‘दीदी की रसोई’ की व्यवस्था भी की गई है। बड़े और मालवाहक वाहनों के लिए अलग से कार्गो जहाज की व्यवस्था की गई है।
बता दें कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के बाद बीआरओ की टीम ने करीब एक महीने की मेहनत के बाद बेली ब्रिज तैयार किया था। अब इसी बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मौके पर बीआरओ की टीम लगातार काम कर रही है। बेली ब्रिज की जगह अब सेतु पर स्टील ट्रस ब्रिज लगाए जाएंगे। योजना के तहत विक्रमशिला सेतु के चार अलग-अलग हिस्सों में स्टील ट्रस ब्रिज लगाए जाने हैं। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन महीने का समय लगने की संभावना है। निर्माण कार्य पूरा होने तक विक्रमशिला सेतु पर किसी भी तरह के वाहनों का परिचालन नहीं होगा।